{"_id":"64aaf7e590a2467a75076a86","slug":"new-book-of-lalit-shaurya-pithoragarh-news-c-230-1-shld1024-1663-2023-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: चार भाषाओं में प्रकाशित होगी ललित शौर्य की बाल तरंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: चार भाषाओं में प्रकाशित होगी ललित शौर्य की बाल तरंग
Sun, 09 Jul 2023 11:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 09 Jul 2023 11:39 PM IST
विज्ञापन
ललित शौर्य। संवाद
पिथौरागढ़। युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य की 12वीं पुस्तक चार भाषाओं में प्रकाशित होगी। बच्चों के लिए पुस्तकें लिखने वाले ललित शौर्य ने बताया कि नई शिक्षा पद्धति को ध्यान में रखते हुए हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही लोकभाषाओं कुमाऊंनी, गढ़वाली में बाल साहित्य की पुस्तकें अनुदित करना उनकी प्राथमिकता है।
शौर्य की बाल कविता संग्रह बाल तरंग बहुत जल्द प्रकाशित हो रहा है। इसमें 11 बाल कविताएं संकलित हैं। सचित्र प्रकाशित हो रहे संग्रह में कविताएं हिंदी, अंग्रेजी, कुमाऊंनी, गढ़वाली में होंगी। ललित की कविताओं का अंग्रेजी में अनुवाद कानपुर निवासी अभिषेक अवस्थी ने किया है। गढ़वाली में डाॅ. के रानी ने और कुमाऊंनी में डाॅ. पवनेश ठकुराठी ने कविताओं का अनुवाद किया है। शौर्य नई शिक्षा पद्धति को ध्यान में रखते हुए साहित्य लेखन कर रहे हैं।
अभी उनके तीन बाल कहानी संग्रह प्रकाशित होने वाले हैं। ललित ने मोबाइल नहीं, पुस्तक दो अभियान चलाया है जिसमें विभिन्न माध्यमों से उन्होंने 20,000 से अधिक बाल पुस्तकें बच्चों तक पहुंचा दी हैं। शौर्य की रचनाएं देश की प्रतिष्ठित बाल पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित हो रहीं हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान समेत अनेक राष्ट्रीय संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शौर्य की बाल कविता संग्रह बाल तरंग बहुत जल्द प्रकाशित हो रहा है। इसमें 11 बाल कविताएं संकलित हैं। सचित्र प्रकाशित हो रहे संग्रह में कविताएं हिंदी, अंग्रेजी, कुमाऊंनी, गढ़वाली में होंगी। ललित की कविताओं का अंग्रेजी में अनुवाद कानपुर निवासी अभिषेक अवस्थी ने किया है। गढ़वाली में डाॅ. के रानी ने और कुमाऊंनी में डाॅ. पवनेश ठकुराठी ने कविताओं का अनुवाद किया है। शौर्य नई शिक्षा पद्धति को ध्यान में रखते हुए साहित्य लेखन कर रहे हैं।
विज्ञापन
अभी उनके तीन बाल कहानी संग्रह प्रकाशित होने वाले हैं। ललित ने मोबाइल नहीं, पुस्तक दो अभियान चलाया है जिसमें विभिन्न माध्यमों से उन्होंने 20,000 से अधिक बाल पुस्तकें बच्चों तक पहुंचा दी हैं। शौर्य की रचनाएं देश की प्रतिष्ठित बाल पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित हो रहीं हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान समेत अनेक राष्ट्रीय संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं।
विज्ञापन