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Pithoragarh News: बारिश में भी धरने पर डटे रहे मुनस्यारी के ग्रामीण
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मुनस्यारी तहसील परिसर में धरने पर बैठे क्षेत्र के ग्रामीण। संवाद
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सड़क, आपदा प्रभावितों का विस्थापन, स्थायी एसडीएम की तैनाती सहित 50 सूत्री मांगों के लिए क्षेत्र के ग्रामीण बारिश में भी धरने पर डटे रहे। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
ढीलम, साई पोलू, साईभाट, लेंगा, मल्ला भदेली, सिन्नर प्यांगती, मल्ला दारमा, राथी, बसंतकोट, फल्याटी, पैकुती, तोमिक, बोना, गोल्फा आदि गांवों के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य भावना दानू के नेतृत्व में तहसील परिसर में छठे दिन भी धरना दिया। प्रकाश कुमार और दीपक बगड़ी अनशन पर बैठे। वक्ताओं ने कहा कि विस्थापन न होने से क्षेत्र के आपदा प्रभावित टेंट में रहने के लिए मजबूर हैं।
गांवों तक सड़क न पहुंचने से बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी एसडीएम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सीमांत के लोगों की उपेक्षा की है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सभी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ढीलम, साई पोलू, साईभाट, लेंगा, मल्ला भदेली, सिन्नर प्यांगती, मल्ला दारमा, राथी, बसंतकोट, फल्याटी, पैकुती, तोमिक, बोना, गोल्फा आदि गांवों के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य भावना दानू के नेतृत्व में तहसील परिसर में छठे दिन भी धरना दिया। प्रकाश कुमार और दीपक बगड़ी अनशन पर बैठे। वक्ताओं ने कहा कि विस्थापन न होने से क्षेत्र के आपदा प्रभावित टेंट में रहने के लिए मजबूर हैं।
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गांवों तक सड़क न पहुंचने से बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी एसडीएम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सीमांत के लोगों की उपेक्षा की है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सभी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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