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Pithoragarh News: सेला में बना अस्थाई पुल खतरे की जद में आने से ग्रामीणों की आवाजाही बंद
Thu, 30 Jul 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:59 PM IST
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फोटो 30 पीटीएच 21 पी- खतरे की जद में आया दारमा घाटी स्थित सेला गांव के धौली नदी पर बना लकड़ी क
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के माइग्रेशन वाले सेला गांव में धौली नदी पर लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाया गया अस्थायी लकड़ी का पुल नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरे की जद में आ गया है। पुल से आवाजाही प्रभावित होने के कारण करीब 40 से 50 परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान अनिल सिंह सेलाल ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में सेला और चल गांव के बीच धौली नदी पर बना लोहे का पुल बह गया था। तब से ग्रामीण स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।
उन्होंने बताया कि बुधवार और बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश के बाद धौली नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे लकड़ी का अस्थायी पुल जोखिम में आ गया। इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग को दे दी गई है।
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लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर आशीष पांडे ने बताया कि गत वर्ष दैवीय आपदा मद से सेला और चल गांव में अस्थायी लकड़ी के पुल बनाए गए थे। दोनों गांवों में ट्रॉली की सुविधा भी उपलब्ध है। हाल ही में सेला गांव की ट्रॉली में आई शिकायत के बाद ठेकेदार की टीम भेजी गई थी लेकिन मार्ग बाधित होने के कारण वह मौके तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चल गांव में झूला पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं, सेला गांव में स्थायी समाधान के तहत विश्व बैंक की सहायता से मोटर पुल का निर्माण प्रस्तावित है।
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ग्राम प्रधान अनिल सिंह सेलाल ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में सेला और चल गांव के बीच धौली नदी पर बना लोहे का पुल बह गया था। तब से ग्रामीण स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।
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उन्होंने बताया कि बुधवार और बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश के बाद धौली नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे लकड़ी का अस्थायी पुल जोखिम में आ गया। इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग को दे दी गई है।
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लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर आशीष पांडे ने बताया कि गत वर्ष दैवीय आपदा मद से सेला और चल गांव में अस्थायी लकड़ी के पुल बनाए गए थे। दोनों गांवों में ट्रॉली की सुविधा भी उपलब्ध है। हाल ही में सेला गांव की ट्रॉली में आई शिकायत के बाद ठेकेदार की टीम भेजी गई थी लेकिन मार्ग बाधित होने के कारण वह मौके तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चल गांव में झूला पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं, सेला गांव में स्थायी समाधान के तहत विश्व बैंक की सहायता से मोटर पुल का निर्माण प्रस्तावित है।