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अष्टमी के दिन सामाजिक दूरी के साथ मां की पूजा
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थल क्षेत्र के मां कोटगाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना को लाइन लगाकर खड़े लोग।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/थल/अस्कोट। जिले में अष्टमी पर मंदिरों में विधि विधान से लोगों ने सामाजिक दूर का पालन करते हुए मां दुुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की। जिला मुख्यालय के प्रमुख मंदिरों में कोरोना के चलते भक्तों की भीड़ कम रही है। थल क्षेत्र में कोटगाड़ी मंदिर में न्याय की देवी मां भगवती के मंदिर में विधि विधान से पूजा की गई।
अष्टमी पर मेले में पहुंचे स्थानीय गांवों के श्रद्धालुओं ने माता कोकिला की पूजा की। कोरोना संक्रमण के चलते जिले के अन्य स्थानों से भक्त पूजा अर्चना को मंदिर नहीं आए। मंदिर में बौंगाड़, पाली मसूरिया, चौसाला, मड़, भट्टीगांव, बलतिर और थल क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने मां के दर्शन किए। कोरोना के चलते लोगों ने एक-एक कर सामाजिक दूरी के तहत मां की पूजा की। मंदिर के पुजारी गोविंद बल्लभ पाठक ने सभी श्रद्धालुओं के बारी-बारी से शांति पाठ कराए। उन्होंने बताया कि करीब 700 लोगों ने दर्शन किए। शांति व्यवस्था का जिम्मा थल तहसील के कानूनगो शंकर लाल वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक भूपेंद्र कुमार पंत, संजीव द्विवेदी, विपिन चंद्र पाठक,पीआरडी जवान सुंदर राम ने संभाला। अस्कोट क्षेत्र में खोलिया गांव के हुस्कर देवी मंदिर में अखंड रामायण का आयोजन किया गया। इस दौरान रुद्रपुर निवासी डॉ दल बहादुर पाल, उनकी पत्नी सरस्वती पाल कोरोना खात्मे को हवन यज्ञ किया गया। पंडित मोहन चंद्र ओझा ने सभी काज विधि विधान से संपन्न कराए।
होकरा मंदिर में लगा महाष्टमी का मेला
नाचनी (पिथौरागढ़)। होकरा देवी मंदिर में मंगलवार को महाष्टमी पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। कोराना काल के चलते पिछले वर्ष सांकेतिक पूजा हुई थी। इस वर्ष कोराना की दूसरी लहर में भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में ऊधमसिंह नगर, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लोग आए। हालांकि आस्था में डूबे लोग कोरोना गाइडलाइनों का पालन करना भूल गए। पुलिस-प्रशासन भी लोगों को नियमों का पालन नहीं करा सका। मंदिर समिति के अध्यक्ष दान सिंह ने बताया कि पिछले साल पूजा नहीं हुई थी। इस कारण बाहर के लोग पहुंचे है। कमेटी की अपील के बाद कोरोना नियमों का पालन नहीं हुआ। प्रधान पुजारी भगवती प्रसाद द्विवेदी ने पूजा पाठ कराए। (संवाद)
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20पीटीएच18 पी-नाचनी के होकर मंदिर में पूजा अर्चना को उमड़ी भीड़।
20पीटीएच04 पी-थल क्षेत्र के मां कोटगाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना को लाइन लगाकर खड़े लोग।
20पीटीएच 05पी-अस्कोट के हुस्कर देव मेंदिर में हवन यज्ञ करते भक्ते।
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अष्टमी पर मेले में पहुंचे स्थानीय गांवों के श्रद्धालुओं ने माता कोकिला की पूजा की। कोरोना संक्रमण के चलते जिले के अन्य स्थानों से भक्त पूजा अर्चना को मंदिर नहीं आए। मंदिर में बौंगाड़, पाली मसूरिया, चौसाला, मड़, भट्टीगांव, बलतिर और थल क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने मां के दर्शन किए। कोरोना के चलते लोगों ने एक-एक कर सामाजिक दूरी के तहत मां की पूजा की। मंदिर के पुजारी गोविंद बल्लभ पाठक ने सभी श्रद्धालुओं के बारी-बारी से शांति पाठ कराए। उन्होंने बताया कि करीब 700 लोगों ने दर्शन किए। शांति व्यवस्था का जिम्मा थल तहसील के कानूनगो शंकर लाल वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक भूपेंद्र कुमार पंत, संजीव द्विवेदी, विपिन चंद्र पाठक,पीआरडी जवान सुंदर राम ने संभाला। अस्कोट क्षेत्र में खोलिया गांव के हुस्कर देवी मंदिर में अखंड रामायण का आयोजन किया गया। इस दौरान रुद्रपुर निवासी डॉ दल बहादुर पाल, उनकी पत्नी सरस्वती पाल कोरोना खात्मे को हवन यज्ञ किया गया। पंडित मोहन चंद्र ओझा ने सभी काज विधि विधान से संपन्न कराए।
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होकरा मंदिर में लगा महाष्टमी का मेला
नाचनी (पिथौरागढ़)। होकरा देवी मंदिर में मंगलवार को महाष्टमी पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। कोराना काल के चलते पिछले वर्ष सांकेतिक पूजा हुई थी। इस वर्ष कोराना की दूसरी लहर में भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में ऊधमसिंह नगर, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लोग आए। हालांकि आस्था में डूबे लोग कोरोना गाइडलाइनों का पालन करना भूल गए। पुलिस-प्रशासन भी लोगों को नियमों का पालन नहीं करा सका। मंदिर समिति के अध्यक्ष दान सिंह ने बताया कि पिछले साल पूजा नहीं हुई थी। इस कारण बाहर के लोग पहुंचे है। कमेटी की अपील के बाद कोरोना नियमों का पालन नहीं हुआ। प्रधान पुजारी भगवती प्रसाद द्विवेदी ने पूजा पाठ कराए। (संवाद)
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20पीटीएच18 पी-नाचनी के होकर मंदिर में पूजा अर्चना को उमड़ी भीड़।
20पीटीएच04 पी-थल क्षेत्र के मां कोटगाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना को लाइन लगाकर खड़े लोग।
20पीटीएच 05पी-अस्कोट के हुस्कर देव मेंदिर में हवन यज्ञ करते भक्ते।