फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   More than a dozen dangerous spots of land between Pithoragarh

थल से पिथौरागढ़ के बीच दर्जनभर से ज्यादा खतरनाक स्पॉट

Thu, 31 Mar 2016 10:48 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूराे/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Thu, 31 Mar 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
More than a dozen dangerous spots of land between Pithoragarh
थल से पिथौरागढ़ के बीच दर्जनभर से ज्यादा खतरनाक स्पॉट - फोटो : अमर उजाला
 थल से पिथौरागढ़ के बीच 50 किलोमीटर की दूरी वाली सड़क में कम से कम एक दर्जन स्पॉट ऐसे हैं जहां पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हर साल इस सड़क में लोग या तो हादसों का शिकार होते हैं या फिर जीवनभर अपंगता का दंश झेलते रहते हैं। सड़क का निर्माण 1975 में हो गया था। पिथौरागढ़ से थल, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, बागेश्वर को जाने वाली इस शाटकट सड़क का महत्व लगातार बढ़ता गया।
विज्ञापन


इसमें रोजाना सैकड़ों वाहन दौड़ते हैं लेकिन विडंबना यह है कि सड़क की दशा सुधरने के बजाय और ज्यादा खराब होती चली गई। वैसे इस सड़क में वाहनों के संचालन के समय से ही हादसे होते रहे हैं। तीन वर्ष से इस सड़क पर एडीबी कंस्ट्रक्शन डिवीजन ने चौड़ीकरण का काम शुरू किया है। तब से कई खतरनाक स्पॉट और बन गए हैं। सड़क की खराब हालत को लेकर कई बार आवाज उठ चुकी है। खुद विधायक विशन सिंह चुफाल ने सड़क के खराब निर्माण को लेकर मामला कई बार विधानसभा में भी उठाया लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। 
विज्ञापन


सड़क पर यह हैं खतरनाक प्वाइंट
थल। थल से पिथौरागढ़ जाने वाली इस सड़क में थल के पास कुमालगांव, चोपड़ा, दिगौटी, कमतोली, लेकघाटी, सुरौली, बुंगाछीना, सुवालेक, भौड़ी, बुंगाछीना, चमूबैंड, सातशिलिंग और बीसाबजेड़ के बीच कम से कम 12 स्थान दुर्घटना की दृष्टि से बेहद खतरनाक हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दुर्घटना के बाद बना लेकघाटी मंदिर
थल। थल-पिथौरागढ़ मार्ग पर लेकघाटी में अक्तूबर 1992 में भीषण बस दुर्घटना में 48 यात्रियों की मौत हो गई थी। उस दशक की यह सबसे बड़ी दुर्घटना थी। बाद में लोगों ने इसे दैवीय प्रकोप मानते हुए लेकघाटी में देवी का मंदिर स्थापित किया। मंदिर के पास हर आने जाने वाला वाहन अनिवार्य रूप से रुकता है। मंदिर में नित्य पूजा अर्चना होती है। लोगों का कहना है कि मंदिर की स्थापना के बाद इस हिस्से में दुर्घटनाएं नहीं हुई। मंदिर के पुजारी रमेश पंत का कहना है कि अब मंदिर के प्रति लोगों की आस्था बढ़ने लगी है। यहां पर नित्य पूजा के अलावा बड़े आयोजन भी होते रहते हैं। 


सड़क निर्माण में हो रही अनदेखी
थल। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार का कहना है कि थल से पिथौरागढ़ तक सड़क की मरम्मत के काम में घोर अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क के विस्तारीकरण के समय की जा रही लापरवाही के खिलाफ क्षेत्र के लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं लेकिन विभाग पर असर नहीं पड़ता। अब इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed