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बंदर और लंगूर किसानों की मेहनत कर रहे बर्बाद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 12:12 AM IST
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Monkey in Gangolihat And Berhinag
बेड़ीनाग नगर में बंदरों का झुंड। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
गंगोलीहाट/बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। जंगली जानवर फसलों को नष्ट कर किसानों की रात-दिन की मेहनत बर्बाद कर रहे हैं। इन दिनों गेहूं, मसूर, चना, तिलहन, आलू की फसल तैयार हो रही है। फसलों को दिन में बंदर, लंगूर और रात में जंगली सुअर बर्बाद कर रहे हैं।
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नगर पंचायत बेड़ीनाग के विभिन्न विभिन्न वार्डों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदर मकानों की छत पर बनी पानी की टंकियों के ढक्कन खोलकर नहाते हैं। छत पर सुखाने के लिए रखे कपड़ों को फाड़ देते हैं। बंदर फसलों को भी खूब नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बंदर ज्यादातर झुंड में आते हैं और खिड़की-दरवाजे खुले देखते ही धावा बोल देते हैं। भगाने पर वापस काटने को दौड़ रहे हैं। महिलाएं और बच्चे इनका आसान शिकार हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत और वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है। वहीं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राकेश कोटिया ने भी माना कि बंदरों को पकड़ने के लिए नगर पंचायत के पास इनसंसाधन और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। इस बारे में पत्राचार किया गया है। उपकरण और स्टाफ आते ही बंदरों को पकड़ा जाएगा।
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जंगली सुअर सभी तरह की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। रात में पहरेदारी करनी पड़ रही है। फिर भी सुअर फसलें नष्ट कर रहे हैं। सुअर झुंड में आ रहे हैं पूरा खेत तहस-नहस कर जाते हैं। - हरीश चंद्र पंत, अग्रोन, गंगोलीहाट।
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फसलों को उगाने के लिए सभी परिजनों ने पूरी मेहनत की थी, वह सब बेकार हो गई है। फलदार पेड़ों के फल बंदर खा रहे हैं। गेहूं मसूर, गडेरी आदि के खेत सुअर के भेंट चढ़ रही है। - महात्मा राम, बोरखेत, गंगोलीहाट।
सरकार में पलायन रोकने के लिए किसानों को पारंपरिक खेती से जुड़े रहने की बात तो करती है, लेकिन जंगली जानवरों से फसलें कैसे बचाया जाए। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। - मोहन चंद्र जोशी, पाली, गंगोलीहाट।

खेती के लिए बहुत कम भूमि है। दूर से पानी ढोकर छोटे से हिस्से में सब्जियां उगाई थी, लेकिन बंदरों ने सब नष्ट कर दिया। जंगली जानवरों से बचाव के उपाय किए बिना पानी किसानों के लिए मुश्किल होगा। - किशोर कुमार, ग्राम हाट।
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