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बेटे की तलाश में महाराष्ट्र से बैतड़ी पहुंची महिला
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट (पिथौरागढ़)।
Updated Fri, 04 Mar 2016 12:57 AM IST
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एक मां की ममता उसे अमरावती महाराष्ट्र से हजारों किलोमीटर दूर पश्चिमी नेपाल के बेतड़ी जिले तक खींच लाई। बैतड़ी पहुंचने पर भी उसे बेटा नहीं मिल पाया। अब वह नागपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलने दिल्ली जा रही है।
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अमरावती महाराष्ट्र की 31 वर्षीय दीपाली घोटे और नेपाल के बैतड़ी जिला अंतर्गत शिवनाथ ग्राम निवासी बहादुर चंद पूना में एक मार्केटिंग कंपनी में काम करते थे। दोनों ने 25 मई 2009 को प्रेम विवाह किया था। दीपाली ने बताया कि शादी के बाद बहादुर दहेज लाने, मकान उसके नाम कराने के लिए दबाव बनाने लगा।
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वह शराब के नशे में मारपीट भी करता था। दिसंबर 2015 में बहादुर चंद पांच साल के बेटे को अपने साथ लेकर चुपचाप पूना से फरार हो गया। काफी तलाशने के बाद जब बहादुर और बेटे का पता नहीं चला तो दीपाली ने आठ फरवरी को नागपुर के कोटाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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इस बीच बहादुर चंद अपने फोन से दीपाली को यह धमकी देता रहा कि यदि बेटा चाहिए तो पांच लाख रुपये लेकर आओ। दीपाली के अनुसार यह मामला उसने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में भी दाखिल किया। अदालत ने बच्चे को ढूंढकर मां के सुपुर्द करने के आदेश दिए।
यह मामला भारतीय दूतावास से नेपाली दूतावास पहुंचा। नेपाल दूतावास ने बैतड़ी जिला पुलिस को आदेश दिए कि वह बहादुर चंद और उसके कब्जे से बच्चे को बरामद करे। दीपाली अपने बेटे की तलाश में 23 फरवरी को नागपुर से महेंद्रनगर पहुंची और दो मार्च को वह बैतड़ी पहुंचकर अपने बेटे की खोजबीन में लग गई।
दीपाली ने बैतड़ी के डीएम से भी मुलाकात की। महिला शक्ति केंद्र बैतड़ी के अध्यक्ष देव ठगुन्ना और पार्वती भट्ट इस मामले में दीपाली की मदद में लगे हैं, लेकिन उनको कोई सफलता नहीं मिली है। दीपाली अपने भाई धनंजय साकरे के साथ बैतड़ी पहुंची है। उसने कहा कि वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने यह मामला रखने के लिए दिल्ली जा रही है।