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Pithoragarh News: पहाड़ जैसा है कनार गांव के लोगों का जीवन
Sun, 04 Aug 2024 10:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 04 Aug 2024 10:22 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला विधान सभा क्षेत्र का कनार गांव आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। यहां के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए 16 किमी पैदल चलना पड़ता है।
आजादी के 76 साल बाद भी तहसील बंगापानी के कनार गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। धारचूला विधानसभा क्षेत्र के अत्यधिक दुर्गम में बसे इस गांव के ग्रामीणों को आए दिन तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ता है। गांव तक पहुंचने के लिए एकमात्र पैदल मार्ग है। बरसात के दिनों इस मार्ग से आवाजाही कठिन हो जाती है। पहाड़ियों से पत्थर गिरने का भय लगातार बना रहता है। सड़क नहीं हाेने से किसी के बीमार या घायल होने पर डोली से सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। कई गांव डोली ढोने के लिए भी गांव में लोग नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में जान पर बन आती है। पिछले चार वर्षों में समय पर इलाज नहीं मिलने से चार लोगों की रास्ते में ही मौत हो चुकी है।
बुजुर्गों ने की शीघ्र सड़क निर्माण की मांग
पिथौरागढ़। कनार के 85 वर्षीय रतन सिंह परिहार कहते हैं कि सड़क की मांग करते-करते दशक बीत चुके हैं। वह कहते हैं सड़क जैसी जरूरी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकारी तंत्र की उदासीनता से वह इस अधिकार से वंचित हैं। रतन सिंह परिहार सहित अन्य बुजुर्गों ने शासन- प्रशासन से गांव के लिए शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। संवाद
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आजादी के 76 साल बाद भी तहसील बंगापानी के कनार गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। धारचूला विधानसभा क्षेत्र के अत्यधिक दुर्गम में बसे इस गांव के ग्रामीणों को आए दिन तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ता है। गांव तक पहुंचने के लिए एकमात्र पैदल मार्ग है। बरसात के दिनों इस मार्ग से आवाजाही कठिन हो जाती है। पहाड़ियों से पत्थर गिरने का भय लगातार बना रहता है। सड़क नहीं हाेने से किसी के बीमार या घायल होने पर डोली से सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। कई गांव डोली ढोने के लिए भी गांव में लोग नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में जान पर बन आती है। पिछले चार वर्षों में समय पर इलाज नहीं मिलने से चार लोगों की रास्ते में ही मौत हो चुकी है।
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बुजुर्गों ने की शीघ्र सड़क निर्माण की मांग
पिथौरागढ़। कनार के 85 वर्षीय रतन सिंह परिहार कहते हैं कि सड़क की मांग करते-करते दशक बीत चुके हैं। वह कहते हैं सड़क जैसी जरूरी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकारी तंत्र की उदासीनता से वह इस अधिकार से वंचित हैं। रतन सिंह परिहार सहित अन्य बुजुर्गों ने शासन- प्रशासन से गांव के लिए शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। संवाद
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