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तेंदुआ मर तो गया, लेकिन डर अब भी है
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में आदमखोर तेंदुए के मारे जाने और एक तेंदुए के पिंजरे में बंद होने के बाद भी लोगों में डर बना हुआ है।
पिछले माह सुकौली में एक युवक और छाना पांडे में किशोरी को तेंदुए ने मार दिया था। एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद एक आदमखोर को शिकारी ने ढेर कर दिया था। इसके अलावा एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी तेंदुए नजर आ रहे हैं। इससे लोगों में डर अब भी बना हुआ है। सुबह-शाम सैर सपाटे के लिए जाने वाले ग्रामीण अब भी घूमने से परहेज कर रहे हैं। नगर के हुड़ेती स्थित महादेव धारे में पानी लाने के लिए भी लोग उजाला होने के बाद ही जा रहे हैं।
वन विभाग ने आदमखोर को तो मार दिया, लेकिन तेंदुए अभी भी लगातार दिखाई दे रहे हैं। सुबह और शाम घर से बाहर अकेले निकलने में डर बना हुआ है। खेत में जानी वाली महिलाओं और बच्चों की चिंता लगी रहती है।
-पदम सिंह वल्दिया, पौण
पिछले साल पपदेव में तेंदुए का आतंक चरम पर था। जुलाई से सितंबर तक गांव के लोग डर के साये में जीने को मजबूर रहे। अक्तूबर 2019 में तेंदुए की मौत के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी। तेंदुए दिखने तक डर बना रहेगा।
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-देवलाल वर्मा, पपदेव
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पिछले माह सुकौली में एक युवक और छाना पांडे में किशोरी को तेंदुए ने मार दिया था। एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद एक आदमखोर को शिकारी ने ढेर कर दिया था। इसके अलावा एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी तेंदुए नजर आ रहे हैं। इससे लोगों में डर अब भी बना हुआ है। सुबह-शाम सैर सपाटे के लिए जाने वाले ग्रामीण अब भी घूमने से परहेज कर रहे हैं। नगर के हुड़ेती स्थित महादेव धारे में पानी लाने के लिए भी लोग उजाला होने के बाद ही जा रहे हैं।
वन विभाग ने आदमखोर को तो मार दिया, लेकिन तेंदुए अभी भी लगातार दिखाई दे रहे हैं। सुबह और शाम घर से बाहर अकेले निकलने में डर बना हुआ है। खेत में जानी वाली महिलाओं और बच्चों की चिंता लगी रहती है।
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-पदम सिंह वल्दिया, पौण
पिछले साल पपदेव में तेंदुए का आतंक चरम पर था। जुलाई से सितंबर तक गांव के लोग डर के साये में जीने को मजबूर रहे। अक्तूबर 2019 में तेंदुए की मौत के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी। तेंदुए दिखने तक डर बना रहेगा।
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-देवलाल वर्मा, पपदेव