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पिथौरागढ़ में एक माह बाद तेंदुए की दस्तक से लोगों में दहशत
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में एक माह बाद फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की दहशत से लोगों में दहशत है। चंडाक क्षेत्र में नौ दिसंबर को जंगल घास काटने गई महिला को तेंदुए ने घायल कर दिया था। तब से चंडाक, पौण, पपदेव, बडौली क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इस कारण पपदेव-पौण सड़क सुनसान है।
क्षेत्र के ग्रामीण अगस्त से सात नवंबर तक दहशत में रहे। शिकारी हादी ने 29 सितंबर और आठ नवंबर को चंडाक क्षेत्र में दो तेंदुओं को मारा था। इसके बावजूद चंडाक में महिला पर हुए तेंदुए के हमले से क्षेत्रवासी डरे सहमे हैं। लोगों ने घर से अकेले निकलना छोड़ दिया है। लोगों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की। बताया कि पौण क्षेत्र में भी तेंदुआ आ रहा है। तेंदुए ने ग्रामीणों के कई मवेशी मार दिए हैं। पौण निवासी पदम सिंह ने बताया कि जंगल चरने गए मवेशी लापता हो गए हैं। ग्रामीण उन्हें तलाशने की हिम्मत तक नहीं जुटा सके है। वहीं रेंजर डीसी जोशी ने बताया कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वन कर्मी क्षेत्र में मुस्तैद हैं। तेंदुए के हमले से प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से क्षेत्र में अकेले न घूमने की अपील की है।
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क्षेत्र के ग्रामीण अगस्त से सात नवंबर तक दहशत में रहे। शिकारी हादी ने 29 सितंबर और आठ नवंबर को चंडाक क्षेत्र में दो तेंदुओं को मारा था। इसके बावजूद चंडाक में महिला पर हुए तेंदुए के हमले से क्षेत्रवासी डरे सहमे हैं। लोगों ने घर से अकेले निकलना छोड़ दिया है। लोगों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की। बताया कि पौण क्षेत्र में भी तेंदुआ आ रहा है। तेंदुए ने ग्रामीणों के कई मवेशी मार दिए हैं। पौण निवासी पदम सिंह ने बताया कि जंगल चरने गए मवेशी लापता हो गए हैं। ग्रामीण उन्हें तलाशने की हिम्मत तक नहीं जुटा सके है। वहीं रेंजर डीसी जोशी ने बताया कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वन कर्मी क्षेत्र में मुस्तैद हैं। तेंदुए के हमले से प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से क्षेत्र में अकेले न घूमने की अपील की है।
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