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Pithoragarh News: जमीन खाली करने के नोटिस से तोक मनीला के ग्रामीणों में आक्रोश
Sun, 12 Oct 2025 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Oct 2025 10:41 PM IST
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कुटी में पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल को ज्ञापन देते ग्रामीण। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। गुंजी तोक मनीला के ग्रामीणों में जमीन खाली करने का नोटिस जारी होने पर आक्रोश है। उन्होंने नोटिस का विरोध करते हुए पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वे लोग किसी भी कीमत पर अपनी जमीन खाली नहीं करेंगे। यदि जबरन जमीन खाली कराई तो आंदोलन होगा।
गुंजी पहुंचे पर्यटन सचिव से मुलाकात कर ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत के निवासी हैं। इसके बावजूद प्रशासन उन्हें अपनी भूमि खाली करने का नोटिस दे रहा है। उन्हें देशवासी होने के बाद भी बाहरी माना जा रहा है। प्रशासन के नोटिस के बाद वे डरे और सहमे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सीमांत के गांवों को वाइब्रेंट विलेज का नाम दिया है। उन्हें देश का अंतिम नहीं प्रथम गांव और ग्रामीण माना है। इसके बाद भी उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस देना गंभीर है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में धारचूला प्रशासन ने उन्हें पहले भी नोटिस दिया था। यह मामला न्यायालय से खारिज हो चुका है। फिर भी उन्हें दोबारा नोटिस देकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि उनसे जबरन जमीन खाली कराई गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। बता दें कि संबंधित तोक में 20-25 परिवार रहते हैं। इस मौके पर पूर्व प्रधान अर्चना गुंज्याल, सुरेश गुंज्याल, सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद
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गुंजी पहुंचे पर्यटन सचिव से मुलाकात कर ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत के निवासी हैं। इसके बावजूद प्रशासन उन्हें अपनी भूमि खाली करने का नोटिस दे रहा है। उन्हें देशवासी होने के बाद भी बाहरी माना जा रहा है। प्रशासन के नोटिस के बाद वे डरे और सहमे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सीमांत के गांवों को वाइब्रेंट विलेज का नाम दिया है। उन्हें देश का अंतिम नहीं प्रथम गांव और ग्रामीण माना है। इसके बाद भी उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस देना गंभीर है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में धारचूला प्रशासन ने उन्हें पहले भी नोटिस दिया था। यह मामला न्यायालय से खारिज हो चुका है। फिर भी उन्हें दोबारा नोटिस देकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि उनसे जबरन जमीन खाली कराई गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। बता दें कि संबंधित तोक में 20-25 परिवार रहते हैं। इस मौके पर पूर्व प्रधान अर्चना गुंज्याल, सुरेश गुंज्याल, सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद
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