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स्कूलों में प्रेक्टिकल के लिए क्षेत्र पंचायत देगी पैसा
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प्रतीकात्मक
पिथौरागढ़। सरकारी विद्यालयों में संसाधन और उपकरणों के अभाव में विज्ञान विषय के प्रेक्टिकल (प्रयोगात्मक कार्य) बाधित हो रहे हैं। बेड़ीनाग की प्रमुख विनीता बाफिला ने इसे गंभीरता से लिया है। उनकी पहल पर क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में अनुरक्षण के लिए मिलने वाले बजट में से 50 फीसदी राशि प्रेक्टिकल के लिए खर्च करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस नई पहल को जिला परियोजना अधिकारी रमसा ने ब्लॉक के सभी विद्यालयों में लागू करने के आदेश दिए हैं।
विकासखंड के विद्यालयों में बजट के अभाव में हाईस्कूल और इंटर के विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। इससे उन्हें आगे की कक्षाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख विनीता ने ब्लॉक के शिक्षाधिकारियों को बुलाकर जानकारी हासिल की। उन्हें बताया गया कि शैक्षिक क्रियाकलापों में अनुरक्षण मद के लिए छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को 50 हजार से एक लाख रुपये की धनराशि प्रतिवर्ष दी जाती है। बावजूद इसके विज्ञान प्रयोगात्मक कार्यों के लिए इस धनराशि को खर्च नहीं किया जाता।
30 जनवरी को ब्लॉक की बीडीसी बैठक में प्रमुख की ओर से प्रस्ताव लाया गया कि विद्यालयों को अनुरक्षण के लिए मिलने वाली धनराशि में से 50 फीसदी राशि को विज्ञान प्रयोगात्मक कार्यों में खर्च किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस नई पहल को हाथों हाथ लिया। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए जिला परियोजना अधिकारी रमसा डॉ. एके गुंसाई ने सभी विद्यालयों को आदेश जारी करते हुए 50 प्रतिशत धनराशि प्रयोगात्मक कार्यों में खर्च करने के निर्देश दिए हैं।
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सभी स्कूलों में बनेंगे प्रयोगशाला कक्ष
पिथौरागढ़। जिला परियोजना अधिकारी रमसा डॉ. एके गुंसाई ने बताया कि सभी विद्यालयों में प्रयोगशाला है। उपकरण आदि के लिए विद्यार्थियों से पांच रुपये प्रतिमाह फंड जमा किया जाता है। साथ ही विद्यालय अनुदान से भी व्यवस्था की जाती है। कई विद्यालयों में अलग से प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं। ऐसे में अतिरिक्त कक्षाओं में प्रयोगशाला बनाई गई हैं। रमसा के अंतर्गत 60 विद्यालयों में भवन बन गए हैं। कुछ जगहों पर जिला प्लान से भी प्रयोगशाला भवन बनाए जा रहे हैं। अगले दो वर्ष में सभी 217 विद्यालयों में प्रयोगशाला के लिए कक्ष बन जाएंगे। बताया कि सप्ताह में दो वादन प्रयोगात्मक कार्य के लिए रखे गए हैं।
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विकासखंड के विद्यालयों में बजट के अभाव में हाईस्कूल और इंटर के विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। इससे उन्हें आगे की कक्षाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख विनीता ने ब्लॉक के शिक्षाधिकारियों को बुलाकर जानकारी हासिल की। उन्हें बताया गया कि शैक्षिक क्रियाकलापों में अनुरक्षण मद के लिए छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को 50 हजार से एक लाख रुपये की धनराशि प्रतिवर्ष दी जाती है। बावजूद इसके विज्ञान प्रयोगात्मक कार्यों के लिए इस धनराशि को खर्च नहीं किया जाता।
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30 जनवरी को ब्लॉक की बीडीसी बैठक में प्रमुख की ओर से प्रस्ताव लाया गया कि विद्यालयों को अनुरक्षण के लिए मिलने वाली धनराशि में से 50 फीसदी राशि को विज्ञान प्रयोगात्मक कार्यों में खर्च किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस नई पहल को हाथों हाथ लिया। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए जिला परियोजना अधिकारी रमसा डॉ. एके गुंसाई ने सभी विद्यालयों को आदेश जारी करते हुए 50 प्रतिशत धनराशि प्रयोगात्मक कार्यों में खर्च करने के निर्देश दिए हैं।
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सभी स्कूलों में बनेंगे प्रयोगशाला कक्ष
पिथौरागढ़। जिला परियोजना अधिकारी रमसा डॉ. एके गुंसाई ने बताया कि सभी विद्यालयों में प्रयोगशाला है। उपकरण आदि के लिए विद्यार्थियों से पांच रुपये प्रतिमाह फंड जमा किया जाता है। साथ ही विद्यालय अनुदान से भी व्यवस्था की जाती है। कई विद्यालयों में अलग से प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं। ऐसे में अतिरिक्त कक्षाओं में प्रयोगशाला बनाई गई हैं। रमसा के अंतर्गत 60 विद्यालयों में भवन बन गए हैं। कुछ जगहों पर जिला प्लान से भी प्रयोगशाला भवन बनाए जा रहे हैं। अगले दो वर्ष में सभी 217 विद्यालयों में प्रयोगशाला के लिए कक्ष बन जाएंगे। बताया कि सप्ताह में दो वादन प्रयोगात्मक कार्य के लिए रखे गए हैं।