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जूनियर हाईस्कूल खोलियागांव में पढ़ाई चौपट

Fri, 17 Jun 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट Updated Fri, 17 Jun 2016 10:47 PM IST
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Junior high school studies in Kholiaganv collapse
पढ़ाई चौपट - फोटो : अमर उजाला

कन्या जूनियर हाईस्कूल खोलिया गांव में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई चौपट हो गई है। स्कूल में विज्ञान, गणित जैसे विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। एक शिक्षिका को अस्थायी व्यवस्था के तहत अधिकारियों ने जिला मुख्यालय के स्कूल में अटैच कर रखा है। शिक्षण स्टाफ न होने से स्कूल में छात्रसंख्या नाम मात्र रह गई है। एक साल के भीतर 80 विद्यार्थी कम हुए हैं।

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एसएमसी अध्यक्ष लीला देवी, सदस्य देवकी देवी, नंदा देवी, रामी राम, ग्राम प्रधान किशन राम ने कहा कि स्कूल की तीन कक्षाओं को दो शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इन्हीं शिक्षकों के हवाले स्कूल की सारी व्यवस्थाएं भी हैं। विभागीय अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर अस्थायी व्यवस्था के तहत एक शिक्षिका को अगस्त 2015 में जिला मुख्यालय के स्कूल में अटैच करा दिया। पिथौरागढ़ अटैच की गई शिक्षिका को वेतन खोलियागांव स्कूल से दिया जा रहा है। अटैच होने से अध्यापक का पद रिक्त भी नहीं हो पा रहा है। पद रिक्त होता तो नए शिक्षक की तैनाती की जा सकती।
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पूर्व एसएमएस अध्यक्ष कैप्टन गोपाल सिंह पाल ने जिला शिक्षाधिकारी, डीएम, खंड शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर जुलाई तक टीचर तैनात न होने पर शिक्षा कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी है। कहा कि वर्ष 1990 में खुले स्कूल की ओर सरकार और शिक्षा विभाग ने आंखें बंद कर रखी हैं। जूनियर हाईस्कूल का हाईस्कूल में उच्चीकरण नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में पिछले साल छात्रसंख्या 90 थी, जो घटकर 16 रह गई है।
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सीआरसी समन्वयक नारायण दत्त पंत का कहना है कि दिक्कत हो रही है। वेतन स्कूल से आहरित होने के साथ ही शिक्षण व्यवस्था में असर पड़ने की बात स्वीकार करते हैं। कहते है कि शिक्षिका का संबद्धीकरण समाप्त करने और शिक्षकों की तैनाती के लिए के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजेंगे।

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