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सूर्य किरण से दोनों देशों के रिश्तों होंगे मजबूत
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पिथौरागढ़ सेना छावनी में सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान मौजूद दोनों देशों के सैनिक। स?
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल के बीच 15वां सूर्यकिरण संयुक्त सैन्य अभ्यास का समापन हो गया है। 14 दिन तक चले संयुक्त सैन्याभ्यास में आयोजित विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में स्थान पाने वाले जवानों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, वीएसएम जीओसी यूबी एरिया और नेपाल के मेजर जनरल विनय बिक्रम राणा ने कहा कि सूर्य किरण सैन्य अभ्यास दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूत करेगा। ये अभ्यास प्लाटून स्तर से बटालियन स्तर पर हो रहा है।
शनिवार को सैन्य छावनी में सूर्य किरण संयुक्त सैन्याभ्यास प्रशिक्षण का समापन संयुक्त आतंकवादी गतिविधि ऑपरेशन के साथ किया गया। 14 दिन तक चले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों के सैनिकों ने आतंकवादी गतिविधियों, युद्ध कौशल और तकनीक के साथ ही आपदा से निपटने की बारीकियां सीखीं। प्रशिक्षण में दोनों देशों के 650 अधिकारी और सैनिकों ने युद्धकौशल साझा किया। लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल ने सफल संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा 14 दिन के संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं को बहुत लाभ हुआ है। आपसी तालमेल भी बढ़ा है।
इतने कम दिनों में इस अभ्यास को पूरा करना आसान नहीं है। मगर कड़ी मेहनत से दोनों देशों के अधिकारियों और सैनिकों ने संयुक्त सैन्याभ्यास को पूरा कर मिसाल पेश की है। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की बात दोहराते हुए कहा, ‘दोस्त बदल सकते हैं, मगर पड़ोसी नहीं बदल सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि हम पड़ोसी देश नहीं बल्कि पड़ोसी दोस्त हैं। महल ने कहा कि नेपाल और भारत को हर क्षेत्र में मिलजुलकर कार्य करना चाहिए, इसमें दोनों देशों की सफलता छुपी है।
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आतंकवादी गतिविधि हो, आपदा या कोई इमरजेंसी हो, दोनों देश मिलकर इनसे निपटने में सक्षम हैं। नेपाल के मेजर जनरल विनय बिक्रम ने कहा कि सूर्य किरण सैन्य अभ्यास पिछले 15 सालों से दोनों देशों के मधुर संबंधों को दर्शाता है। दोनों देशों के अधिकारियों और सैनिकों ने एक दूसरे के युद्ध कौशलों को कड़ी मेहनत से सीखा। इस मौके पर भारत के कर्नल नितिन सिंह कलतड़े और नेपाल के लेफ्टिनेंट कर्नल बिजय बसनेत ने 14 दिवसीय प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी।
भविष्य में युद्धाभ्यास को बेहतर बनाने के होंगे प्रयास
पिथौरागढ़। लेफ्टिनेंट जनरल एसएएस महल ने कहा कि इस बार सूर्य किरण अभ्यास में हेली ऑपरेशन, ड्रोन समेत अन्य आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया गया। भविष्य में सूर्य किरण अभ्यास को और बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे।
नेपाल के मेजर जनरल विनय ब्रिकम राणा ने कहा भारत-नेपाल के संबंध काफी पुराने हैं। भारत में हुए सैन्य अभ्यासों में नेपाल के करीब 200 अधिकारी प्रशिक्षण ले चुके हैं। जो दोनों देशों के मधुर संबंधों को दर्शाता है। इस मौके पर नेपाल के ब्रिगेडियर जनरल कुमार बहादुर थापा, कर्नल राम काजी थापा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया
पिथौरागढ़। सूर्य किरण संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता अधिकारी और जवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एफसीबीसी में नेपाल के सचिन राय प्रथम, वीर बहादुर खड़का द्वितीय, कमल राणा तृतीय रहे।
भारत के अनुराग प्रथम, धर्मेंद्र द्वितीय, धनवीर तृतीय, फायरिंग में नेपाल खीम बहादुर प्रथम, सुरेश राय द्वितीय, भारत के मुकेश भट्ट प्रथम, उमेश द्वितीय, रॉक क्लाइंबिंग में नेपाल के दीपक राय प्रथम, नेजान लिंबू द्वितीय, भारत के रायफल मैन प्रदीप प्रथम, धर्मेंद्र द्वितीय रहे। नेपाल के सेक्शन कमांडर प्रकाश कार्की, भारत के सुमन को भी सम्मानित किया गया।
आतंकी गतिविधि का किया संयुक्त अभ्यास
पिथौरागढ़। सैन्य छावनी में नेपाल और भारत के सैनिकों ने दोनों देशों की सीमा पर स्थित एक गांव में घुसे आतंकियों के खिलाफ संयुक्त युद्धाभ्यास का शानदार प्रदर्शन किया। सीमा से लगे गांव में छुपे आतंकियों को नेपाल और भारत के सैनिकों ने 48 घंटे तक चले संयुक्त युद्ध अभ्यास में मार गिराया।
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शनिवार को सैन्य छावनी में सूर्य किरण संयुक्त सैन्याभ्यास प्रशिक्षण का समापन संयुक्त आतंकवादी गतिविधि ऑपरेशन के साथ किया गया। 14 दिन तक चले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों के सैनिकों ने आतंकवादी गतिविधियों, युद्ध कौशल और तकनीक के साथ ही आपदा से निपटने की बारीकियां सीखीं। प्रशिक्षण में दोनों देशों के 650 अधिकारी और सैनिकों ने युद्धकौशल साझा किया। लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल ने सफल संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा 14 दिन के संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं को बहुत लाभ हुआ है। आपसी तालमेल भी बढ़ा है।
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इतने कम दिनों में इस अभ्यास को पूरा करना आसान नहीं है। मगर कड़ी मेहनत से दोनों देशों के अधिकारियों और सैनिकों ने संयुक्त सैन्याभ्यास को पूरा कर मिसाल पेश की है। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की बात दोहराते हुए कहा, ‘दोस्त बदल सकते हैं, मगर पड़ोसी नहीं बदल सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि हम पड़ोसी देश नहीं बल्कि पड़ोसी दोस्त हैं। महल ने कहा कि नेपाल और भारत को हर क्षेत्र में मिलजुलकर कार्य करना चाहिए, इसमें दोनों देशों की सफलता छुपी है।
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आतंकवादी गतिविधि हो, आपदा या कोई इमरजेंसी हो, दोनों देश मिलकर इनसे निपटने में सक्षम हैं। नेपाल के मेजर जनरल विनय बिक्रम ने कहा कि सूर्य किरण सैन्य अभ्यास पिछले 15 सालों से दोनों देशों के मधुर संबंधों को दर्शाता है। दोनों देशों के अधिकारियों और सैनिकों ने एक दूसरे के युद्ध कौशलों को कड़ी मेहनत से सीखा। इस मौके पर भारत के कर्नल नितिन सिंह कलतड़े और नेपाल के लेफ्टिनेंट कर्नल बिजय बसनेत ने 14 दिवसीय प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी।
भविष्य में युद्धाभ्यास को बेहतर बनाने के होंगे प्रयास
पिथौरागढ़। लेफ्टिनेंट जनरल एसएएस महल ने कहा कि इस बार सूर्य किरण अभ्यास में हेली ऑपरेशन, ड्रोन समेत अन्य आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया गया। भविष्य में सूर्य किरण अभ्यास को और बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे।
नेपाल के मेजर जनरल विनय ब्रिकम राणा ने कहा भारत-नेपाल के संबंध काफी पुराने हैं। भारत में हुए सैन्य अभ्यासों में नेपाल के करीब 200 अधिकारी प्रशिक्षण ले चुके हैं। जो दोनों देशों के मधुर संबंधों को दर्शाता है। इस मौके पर नेपाल के ब्रिगेडियर जनरल कुमार बहादुर थापा, कर्नल राम काजी थापा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया
पिथौरागढ़। सूर्य किरण संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता अधिकारी और जवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एफसीबीसी में नेपाल के सचिन राय प्रथम, वीर बहादुर खड़का द्वितीय, कमल राणा तृतीय रहे।
भारत के अनुराग प्रथम, धर्मेंद्र द्वितीय, धनवीर तृतीय, फायरिंग में नेपाल खीम बहादुर प्रथम, सुरेश राय द्वितीय, भारत के मुकेश भट्ट प्रथम, उमेश द्वितीय, रॉक क्लाइंबिंग में नेपाल के दीपक राय प्रथम, नेजान लिंबू द्वितीय, भारत के रायफल मैन प्रदीप प्रथम, धर्मेंद्र द्वितीय रहे। नेपाल के सेक्शन कमांडर प्रकाश कार्की, भारत के सुमन को भी सम्मानित किया गया।
आतंकी गतिविधि का किया संयुक्त अभ्यास
पिथौरागढ़। सैन्य छावनी में नेपाल और भारत के सैनिकों ने दोनों देशों की सीमा पर स्थित एक गांव में घुसे आतंकियों के खिलाफ संयुक्त युद्धाभ्यास का शानदार प्रदर्शन किया। सीमा से लगे गांव में छुपे आतंकियों को नेपाल और भारत के सैनिकों ने 48 घंटे तक चले संयुक्त युद्ध अभ्यास में मार गिराया।