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छाता तोक में आतंक पर्याय बने आदमखोर को शिकारी ने किया ढेर
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गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। जरमाल के छाता तोक में 13 जून को ढाई वर्षीय रिया मारने वाले तेंदुए को वन विभाग के शिकारी ने मौत के घाट उतार दिया है। लंबे समय बाद आदमखोर की मौत के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
शुक्रवार को देर रात 11.30 बजे शिकारी हरीश धामी वन विभाग की टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इस दौरान जरमाल गांव के जंगल में तेंदुआ दिखाई दिया। शिकारी ने जरा से भी देर न करते हुए आदमखोर को मौत के घाट उतारकर दहशत को कम किया। देर रात ही आदमखोर को वन विभाग कार्यालय लाया गया। शनिवार को पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रणय अग्रवाल, डॉ. मंजू असवाल, डॉ. नवीन आर्य ने तेंदुए के शव पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद उसका शव जला दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया आदमखोर तेंदुए की पहचान के बाद उसे मारा गया है।
हालांकि उन्होंने गांव के लोगों से अभी भी सावधानी बरतने की अपील की है। गांव की महिलाओं को अकेले घास काटना नहीं जाने को कहा है। प्रधान पुष्कर सिंह और सरपंच चंद्र सिंह ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त है। उन्होंने कहा आदमखोर की मौत से दहशत कम हुई है। वन विभाग ने 13जून की घटना के बाद 15 जून को क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया था। 16 जून को तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के आदेश दिए गए। 30 जून को वन विभाग के शिकारी धामी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे थे। 17 दिन बाद शुक्रवार की रात आदमखोर को मारा गया।
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शुक्रवार को देर रात 11.30 बजे शिकारी हरीश धामी वन विभाग की टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इस दौरान जरमाल गांव के जंगल में तेंदुआ दिखाई दिया। शिकारी ने जरा से भी देर न करते हुए आदमखोर को मौत के घाट उतारकर दहशत को कम किया। देर रात ही आदमखोर को वन विभाग कार्यालय लाया गया। शनिवार को पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रणय अग्रवाल, डॉ. मंजू असवाल, डॉ. नवीन आर्य ने तेंदुए के शव पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद उसका शव जला दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया आदमखोर तेंदुए की पहचान के बाद उसे मारा गया है।
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हालांकि उन्होंने गांव के लोगों से अभी भी सावधानी बरतने की अपील की है। गांव की महिलाओं को अकेले घास काटना नहीं जाने को कहा है। प्रधान पुष्कर सिंह और सरपंच चंद्र सिंह ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त है। उन्होंने कहा आदमखोर की मौत से दहशत कम हुई है। वन विभाग ने 13जून की घटना के बाद 15 जून को क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया था। 16 जून को तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के आदेश दिए गए। 30 जून को वन विभाग के शिकारी धामी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे थे। 17 दिन बाद शुक्रवार की रात आदमखोर को मारा गया।
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