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Pithoragarh News: आपदाकाल में प्रसव की संभावित तिथि से एक सप्ताह पहले अस्पतालों में पहुंचाई जाएंगी गर्भवतियां
Wed, 21 May 2025 10:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 21 May 2025 10:28 PM IST
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पिथौरागढ़। मानसूनकाल में सीमांत और दुर्गम जिले की गर्भवतियों को स्वास्थ्य विभाग प्रसव की संभावित तिथि से एक सप्ताह पहले अस्पताल पहुंचाएगा। मानसूनकाल नजदीक आते ही विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। अब तक विभाग ने 150 गर्भवतियों का चिह्नीकरण किया गया है जिनके प्रसव की संभावित तिथि 15 जून से सितंबर के बीच है।
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जिले में मानसूनकाल में अधिकांश ग्रामीण सड़कें बंद हो जाती हैं। ऐसे में गर्भवतियों का प्रसव के लिए अस्पतालों तक पहुंचना चुनौती बनता है इससे जच्चा-बच्चा की जान आफत में फंसती है। मानसूनकाल नजदीक है और स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों को राहत पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग मानूसनकाल में गर्भवतियों को प्रसव की संभावित तिथि से एक सप्ताह पहले अस्पतालों में भर्ती करेगा। आशा कार्यकर्ता, एनएनएम सहित स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों पर गर्भवतियों को अस्पताल लाने की जिम्मेदारी होगी। परिजनों को भी इसके लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है।
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अस्पतालों में नहीं मिलेगी जगह तो होटलों में होगी व्यवस्था
पिथौरागढ़। अधिकारियों के मुताबिक यदि मानसूनकाल में गर्भवतियों का अस्पतालों में दबाब बढ़ा तो उनकी नजदीकी होटलों में ठहरने की व्यवस्था होगी। उनके ठहरने, खाने का खर्च भी विभाग उठाएगा। इसके बाद भी किसी गर्भवती ने अस्पताल पहुंचने से मना किया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसकी और परिजनों की होगी।
कोट
मानसूनकाल में अस्पतालों में गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सड़कें बंद होने की स्थिति में गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव हो, इसके लिए विभाग तत्परता से काम करेगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जिले में मानसूनकाल में अधिकांश ग्रामीण सड़कें बंद हो जाती हैं। ऐसे में गर्भवतियों का प्रसव के लिए अस्पतालों तक पहुंचना चुनौती बनता है इससे जच्चा-बच्चा की जान आफत में फंसती है। मानसूनकाल नजदीक है और स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों को राहत पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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स्वास्थ्य विभाग मानूसनकाल में गर्भवतियों को प्रसव की संभावित तिथि से एक सप्ताह पहले अस्पतालों में भर्ती करेगा। आशा कार्यकर्ता, एनएनएम सहित स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों पर गर्भवतियों को अस्पताल लाने की जिम्मेदारी होगी। परिजनों को भी इसके लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है।
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अस्पतालों में नहीं मिलेगी जगह तो होटलों में होगी व्यवस्था
पिथौरागढ़। अधिकारियों के मुताबिक यदि मानसूनकाल में गर्भवतियों का अस्पतालों में दबाब बढ़ा तो उनकी नजदीकी होटलों में ठहरने की व्यवस्था होगी। उनके ठहरने, खाने का खर्च भी विभाग उठाएगा। इसके बाद भी किसी गर्भवती ने अस्पताल पहुंचने से मना किया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसकी और परिजनों की होगी।
कोट
मानसूनकाल में अस्पतालों में गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सड़कें बंद होने की स्थिति में गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव हो, इसके लिए विभाग तत्परता से काम करेगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़