{"_id":"53b8254d11a60f59c2cf6d4113be6b04","slug":"in-ramganga-shramdan-got-ready-again-70-meters-long-bridge-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामगंगा में श्रमदान से फिर तैयार हो गया 70 मीटर लंबा पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगंगा में श्रमदान से फिर तैयार हो गया 70 मीटर लंबा पुल
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 31 Oct 2015 05:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे गांव के लोगों की एकता की मिसाल कहा जाए या सरकार को आइना दिखाने का तरीका। हर बार की तरह इस बार भी लोगों ने रामगंगा में श्रमदान से 70 मीटर लंबे अस्थायी पुल का निर्माण कर लिया है। सात दिन में तैयार इस पुल में हर साल लोग 30 से 40 हजार रुपये खर्च करते हैं। जून में रामगंगा का जलस्तर बढ़ते ही पुल बह जाएगा।
विज्ञापन
रामगंगा में अस्याली गांव के पास अस्थायी पुल का निर्माण वर्षों से हो रहा है। रामगंगा को पार करने के लिए छात्रों और आम लोगों को पांच किलोमीटर दूर घटीगाड़ जाना पड़ता है। अब नदी का जलस्तर कम होते ही लोग अस्थायी पुल बना लेते हैं। पुल बनते ही अस्याली, बल्याऊं, बलीगाड़, ओखलिया, कसाड़ी, सिंटोलिया, कलान, चिफलुवा, ग्वीरा, कुमालगुड़ी गांव के लोगों को आवाजाही में सुविधा हो गई है। गांव के लोग पुल के लिए अपनी वन पंचायत से लकड़ी की व्यवस्था करते हैं। हर साल ठीक निर्धारित स्थान पर ही पुल बनाया जाता है। सभी गांवों के लोग श्रमदान में हिस्सा लेते हैं। पुल से मुख्य सड़क पर पहुंचने के लिए 500 मीटर पैदल रास्ते का भी निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
श्रमदान समाजसेवी सुरेश रजवार के नेतृत्व में हुआ। इसमें जगदीश चंद, मनोहर चंद, किशन चंद, गोपाल सिंह, करन सिंह, राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, चंद्र सिंह, ललित सिंह, दुर्गा सिंह, सुनील कुमार, जहत राम, ललित चंद, चंद्र सिंह महरा, विनोद धामी, हरीश महरा ने सहयोग दिया। पुल बन जाने पर इन गांवों से थल बाजार की दूरी दो किलोमीटर रह गई है। जबकि बारिश के मौसम में लोगों को पांच किलोमीटर का पैदल सफर तय कर घटीगाड़ झूलापुल तक जाना पड़ता है।
विज्ञापन