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बीमार लड़की को आठ किमी पीठ पर लाए
ब्यूरो/अमर उजाला, मदकोट
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:03 PM IST
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मदकोट के जोशा गांव से बीमार बालिका को पीठ पर रखकर लाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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यहां जोशा गांव की बीमार लड़की को गांव के लोग आठ किलोमीटर तक पीठ पर लादकर मदकोट तक लाए। वहां से उसे एक वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया है। बीमार को डोली पर ला पाना इसलिए संभव नहीं था क्योंकि पैदल रास्ता सिर्फ एक व्यक्ति के चलने लायक चौड़ाई वाला है। मदकोट से गोलमा, जोशा होते हुए ढुनामानी तक कई वर्षों से एक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन सड़क का निर्माण तो पूरा नहीं हुआ, उल्टा सड़क के मलबे से पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए हैं।
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बताया गया कि जोशा गांव के रतन सिंह की 17 वर्षीय बेटी लीला की तबियत तीन दिन से खराब है। उसकी हालत लगातार बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने का फैसला लिया गया, लेकिन रास्ते की खराब हालत नई समस्या बन गई। आखिरकार ग्राम प्रधान बसंत राम, कैलाश सिंह, रमेश सिंह, जगत सिंह, हरीश सिंह, नारायण सिंह, लाल सिंह आदि ने तय किया कि लीला को पीठ पर लादकर सड़क तक पहुंचाया जाएगा। इन लोगों को जोशा से मदकोट तक आठ किलोमीटर का सफर तय करने में तीन घंटे लगे।
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क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि न तो सड़क का निर्माण पूरा हुआ है और न पैदल रास्ता ही ठीक किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने कहा कि पता नहीं लोगों को कब तक अपनी पीठ का इस्तेमाल 108 सेवा की तरह करना पड़ेगा। लीला को सुबह करीब 11 बजे मदकोट पहुंचाया गया। यहां से उसे जिला अस्पताल को ले गए हैं। जहां अब उसकी हालत सामान्य है।
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