पिथौरागढ़ का जल संकट: चार हजार की आबादी पानी के लिए भटक रही, हैंडपंप खराब; मांग के बाद भी नहीं किए जा रहे ठीक
गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर में पेयजल संकट गंभीर होने लगा हैं। टकाना क्षेत्र में लगे तीन हैंडपंपों के खराब होने से चार हजार से ज्यादा की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर में पेयजल संकट गंभीर होने लगा हैं। टकाना क्षेत्र में लगे तीन हैंडपंपों के खराब होने से चार हजार से ज्यादा की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी हैंडपंप को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
जल संस्थान बिण, देवलाल गांव सहित कई अन्य हिस्सों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति कर रहा है। विकास भवन घंटाघर, टकाना और श्रम विभाग के पास जल संस्थान ने लोगों को पानी के संकट से निजात दिलाने के लिए हैंडपंप लगाए हुए थे। तीनों हैंडपंप लंबे समय से खराब चल रहे हैं। लोग जल संस्थान से हैंडपंपों को ठीक करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इस कारण चार हजार से अधिक की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मूनाकोट ब्लाॅक के कई गांवों में भी पानी का संकट
पिथौरागढ़। मूनाकोट ब्लाॅक के क्वीतड़, जमतड़ी और गुरुमतोली में पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सरकार हर घर नल, हर घर जल की बात करती है, लेकिन लोग पानी के लिए परेशान हैं। इन गांवों में पेयजल स्रोत भी सूखने की कगार पर हैं। ग्रामीण किसी तरह गाड़ गधेरों से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। लोगों ने शासन-प्रशासन से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। पानी नहीं आने से इन गांवों के 250 परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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टकाना क्षेत्र में खराब पड़े हैंडपंप को जल्द ठीक कर लिया जाएगा। लोगों को कोई दिक्कत ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।