{"_id":"5f0ca37c8ebc3e63cf370709","slug":"gunji-hut-road-closed-due-to-hill-crack-pithoragarh-news-hld3896189186","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ी दरकने से गुंजी-कुटी सड़क बंद, कुटी यांगती नदी में बनी झील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ी दरकने से गुंजी-कुटी सड़क बंद, कुटी यांगती नदी में बनी झील
विज्ञापन
ुंजी से कुटी के लिए बन रही सड़क में पटा मलबा।
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यास घाटी में हुए जबरदस्त भूस्खलन से गुंजी से कुटी के बीच लगभग दो किलोमीटर सड़क बोल्डर और मलबे से पट गई है। भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरने से कुटी यांगती नदी का बहाव रुकने से नदी में झील बन गई है।
नौ जुलाई की रात को व्यास घाटी में मूसलाधार बारिश होने से तहसील मुख्यालय धारचूला से 120 किमी दूर गुंजी से कुटी के बीच जबरदस्त भूस्खलन हुआ। पहाड़ियों के दरकने से आए मलबे ने सड़क के साथ ही कुटी यांगती नदी को भी पाट दिया। इससे जहां एक ओर लगभग दो किलोमीटर तक सड़क का नामोनिशान मिट गया है वहीं, नदी के पानी का बहाव बाधित होने से झील बन गई है।
व्यास घाटी से लौटे ग्रामीणों ने बताया कि मूसलाधार बारिश से नदी के दोनों ओर की पहाड़ियों में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। नदी में बनी झील के कारण रोकांग, नाबी, गुंजी सहित कई गांवों को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार गुंजी, कुटी ज्योलिंगकांग सड़क 10 से 15 दिनों तक खुलने की संभावना नहीं है।
विज्ञापन
रविवार को कुटी गांव से लौटे गुलाब सिंह कुटियाल ने बताया कि इस घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी है। उन्होंने बताया कि बीआरओ के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन से कुटी यांगती नदी में जमा मलबे को हटाया है। इससे झील का स्तर कुछ कम हुआ है। बीआरओ के कर्मचारी सड़क खोलने में लगे हैं। कुटी गांव वालों की नुमुच से थविकंग तक लगभग एक किलोमीटर का चारागाह भी मलबे से पट गया है। गुलाब सिंह ने कहा कि यहां मालपा से भी अधिक भूस्खलन हुआ है। कुटी निवासी एवं रं यूथ फोरम अध्यक्ष हरीश कुटियाल ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि 2017 में कुटी गांव के घटखोला नाले में भी बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा आने से उरेडा की निर्माणाधीन योजना को नुकसान पहुंचा था। आज तक सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है।
लोगों से व्यास घाटी में भूस्खलन से सड़क पर मलबा आने की सूचना मिली है। राजस्व उपनिरीक्षक को मौके में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। - अनिल कुमार शुक्ला, उपजिलाधिकारी धारचूला।
.
विज्ञापन
नौ जुलाई की रात को व्यास घाटी में मूसलाधार बारिश होने से तहसील मुख्यालय धारचूला से 120 किमी दूर गुंजी से कुटी के बीच जबरदस्त भूस्खलन हुआ। पहाड़ियों के दरकने से आए मलबे ने सड़क के साथ ही कुटी यांगती नदी को भी पाट दिया। इससे जहां एक ओर लगभग दो किलोमीटर तक सड़क का नामोनिशान मिट गया है वहीं, नदी के पानी का बहाव बाधित होने से झील बन गई है।
विज्ञापन
व्यास घाटी से लौटे ग्रामीणों ने बताया कि मूसलाधार बारिश से नदी के दोनों ओर की पहाड़ियों में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। नदी में बनी झील के कारण रोकांग, नाबी, गुंजी सहित कई गांवों को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार गुंजी, कुटी ज्योलिंगकांग सड़क 10 से 15 दिनों तक खुलने की संभावना नहीं है।
विज्ञापन
रविवार को कुटी गांव से लौटे गुलाब सिंह कुटियाल ने बताया कि इस घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी है। उन्होंने बताया कि बीआरओ के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन से कुटी यांगती नदी में जमा मलबे को हटाया है। इससे झील का स्तर कुछ कम हुआ है। बीआरओ के कर्मचारी सड़क खोलने में लगे हैं। कुटी गांव वालों की नुमुच से थविकंग तक लगभग एक किलोमीटर का चारागाह भी मलबे से पट गया है। गुलाब सिंह ने कहा कि यहां मालपा से भी अधिक भूस्खलन हुआ है। कुटी निवासी एवं रं यूथ फोरम अध्यक्ष हरीश कुटियाल ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि 2017 में कुटी गांव के घटखोला नाले में भी बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा आने से उरेडा की निर्माणाधीन योजना को नुकसान पहुंचा था। आज तक सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है।
लोगों से व्यास घाटी में भूस्खलन से सड़क पर मलबा आने की सूचना मिली है। राजस्व उपनिरीक्षक को मौके में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। - अनिल कुमार शुक्ला, उपजिलाधिकारी धारचूला।
.