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Pithoragarh News: इनर लाइन परमिट से भर रही सरकार की झोली
Thu, 27 Jun 2024 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 27 Jun 2024 12:42 AM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिला पिथौरागढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी एक विशेष पहचान बनाता जा रहा है। पर्यटन बढ़ने से सरकार को जहां अच्छे राजस्व की प्राप्ति हो रही है वहीं स्थानीय लोगों की आर्थिकी सुधर रही है। तीन साल में 31,357 पर्यटकों ने आदि कैलाश के दर्शन किए हैं। इससे जिला प्रशासन को 62,71,400 रुपये की आय हुई। एक इनर लाइन परमिट बनाने के लिए पर्यटक को 200 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
वर्ष 2020 में बीआरओ ने तवाघाट से लिपुलेख तक दुर्गम पहाड़ियों को काटकर चीन सीमा तक सड़क का निर्माण किया। इसके बाद से यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़नी शुरू हो गईं। लोग बड़ी संख्या में आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आ रहे हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश आने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में तीन गुना से अधिक इजाफा हुआ। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से सीमांत के लोगों की भी आय में सुधार हो रहा है। पिथौरागढ़ से गुंजी तक जो होटल, ढाबे वीरान रहते थे, आज वे गुलजार हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होम स्टे भरे हुए हैं।
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क्यों जरूरी है इनर लाइन परमिट
भारतीय नागरिकों के लिए संरक्षित राज्य में प्रवेश करने के लिए परमिट प्राप्त करना अनिवार्य होता है। यह दस्तावेज सरकार की ओर से भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित कुछ क्षेत्रों में आवाजाही को विनियमित करने के लिए जारी किया जाता है।
तीन साल में करीब 13 गुना बढ़ी परिमट से आय
पिछले तीन साल में इन लाइन परिमट से तीन गुना राजस्व बढ़ा है। 2022 में साढ़े तीन लाख की आय हुई जो 2024 में अब तक 39.13 लाख पहुंच गई है। इसी तरह पर्यटकों में भी तीन साल में 11 गुना वृद्धि हुई है। 2022 में जहां 1761 पर्यटक आए वहीं इस साल अब तक 19567 यहां पहुंच चुके हैं जिन्होंने इनर लाइन पास बनाए।
तीन साल में आदि कैलाश पहुंचे पर्यटक
वर्ष पर्यटक परमिट से आय (रुपये में)
2022 1761 3,52,200
2023 10029 20,05,800
2024 19567 39,13,400
डीएम रीना जोशी का कहना है कि आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। आगे भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों की आय में सुधार हो रहा है। पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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वर्ष 2020 में बीआरओ ने तवाघाट से लिपुलेख तक दुर्गम पहाड़ियों को काटकर चीन सीमा तक सड़क का निर्माण किया। इसके बाद से यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़नी शुरू हो गईं। लोग बड़ी संख्या में आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आ रहे हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश आने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में तीन गुना से अधिक इजाफा हुआ। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से सीमांत के लोगों की भी आय में सुधार हो रहा है। पिथौरागढ़ से गुंजी तक जो होटल, ढाबे वीरान रहते थे, आज वे गुलजार हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होम स्टे भरे हुए हैं।
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क्यों जरूरी है इनर लाइन परमिट
भारतीय नागरिकों के लिए संरक्षित राज्य में प्रवेश करने के लिए परमिट प्राप्त करना अनिवार्य होता है। यह दस्तावेज सरकार की ओर से भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित कुछ क्षेत्रों में आवाजाही को विनियमित करने के लिए जारी किया जाता है।
तीन साल में करीब 13 गुना बढ़ी परिमट से आय
पिछले तीन साल में इन लाइन परिमट से तीन गुना राजस्व बढ़ा है। 2022 में साढ़े तीन लाख की आय हुई जो 2024 में अब तक 39.13 लाख पहुंच गई है। इसी तरह पर्यटकों में भी तीन साल में 11 गुना वृद्धि हुई है। 2022 में जहां 1761 पर्यटक आए वहीं इस साल अब तक 19567 यहां पहुंच चुके हैं जिन्होंने इनर लाइन पास बनाए।
तीन साल में आदि कैलाश पहुंचे पर्यटक
वर्ष पर्यटक परमिट से आय (रुपये में)
2022 1761 3,52,200
2023 10029 20,05,800
2024 19567 39,13,400
डीएम रीना जोशी का कहना है कि आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। आगे भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों की आय में सुधार हो रहा है। पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।