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गीता कांग्रेस की हुई, बदल गए समीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 27 Oct 2016 10:36 PM IST
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गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
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अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में गीता ठाकुर के कांग्रेस में शामिल होने से सियासी समीकरण बदल गए हैं। भाजपा दमदार प्रत्याशी की तलाश है। कांग्रेस में गीता ठाकुर की एंट्री से वर्तमान विधायक नारायण राम आर्य को भी चुनौती मिल रही है। पूर्व दर्जा मंत्री खजान चंद्र गुड्डू कांग्रेस से टिकट की नाउम्मीदी के बाद भाजपा से टिकट की जुगत में हैं।
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राज्य विधानसभा के चुनावों में दो बार कांग्रेस और एक बार भाजपा के कब्जे में रही गंगोलीहाट सीट में इस बार अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। वर्ष 2012 के चुनाव में बतौर भाजपा प्रत्याशी ताल ठोकने वाली गीता ठाकुर अब कांग्रेस की हो गई हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने से वर्तमान विधायक नारायण राम आर्य के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है क्योंकि गीता को टिकट के दावेदारों में शुमार किया जा रहा है। वर्तमान विधायक नारायण राम आर्य लंबे समय से अस्वस्थ हैं और हाल में इलाज कराकर लौटे हैं। नारायण राम को इस बार अस्वस्थता के साथ ही कम सक्रियता का खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। आर्य वर्ष 2002 और 2012 में गंगोलीहाट से विधायक रहे हैं। अभी यह साफ नहीं है कि हरीश रावत के खेमे के माने जाने वाले आर्य गीता की ओर से मिल रही चुनौती से कैसे निपटेंगे।
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वहीं, गीता के जाने के बाद भाजपा में दमदार चेहरों का अभाव हो गया है। भाजपा से फकीर राम, दर्पण कुमार, मीना गंगोला, गोकुल गंगोला और जेपी आर्या समेत कई चेहरे हैं, जो लंबे समय से टिकट की दावेदारी में हैं। पिछले कुछ महीने से गंगोलीहाट में खजान गुड्डू सक्रिय हैं। उनका इससे पहले गंगोलीहाट से कोई संपर्क नहीं रहा। कांग्रेस में तवज्जो नहीं मिलने पर खजान गुड्डू भाजपा के संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि दमदार दावेदारों की कमी झेल रही भाजपा गुड्डू पर दांव खेल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो स्थानीय दावेदारों का विरोध भाजपा को झेलना पड़ सकता है।
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