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Pithoragarh News: घाट बैंड फिर बना मुसीबत, बोल्डर गिरने से युवक घायल तो सात घंटे थमी रही आवाजाही
Tue, 15 Sep 2026 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:11 PM IST
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पिथौरागढ़। ऑलवेदर सड़क पर घाट बैंड के पास फिर से बोल्डर मुसीबत बनकर गिरे। बोल्डर गिरने से एक स्कूटी चालक युवक घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं सुबह पांच बजे ही बोल्डर गिरने से सड़क बंद हो गई और दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन, रोडवेज बसें और यात्री फंसे रहे। सात घंटे बाद बमुश्किल आवाजाही शुरू हुई तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
घाट बैंड के पास मंगलवार सुबह पांच बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। टकाना निवासी 17 वर्षीय भरत बोरा दूसरी तरफ फंसे अपने साथी को लेने स्कूटी से जा रहा था। इसी बीच ऊपर से गिरे बोल्डर की चपेट में आ गया। आसपास के लोगों ने उसे पीएचसी इग्यारदेवी पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उसके सिर में चोट है। उसका इलाज किया जा रहा है। वहीं सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों यात्रियों के साथ ही टैक्सी, माल वाहक वाहन, रोडवेज बसों के साथ एंबुलेंस भी फंसी रहीं। मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्री घंटों आवाजाही शुरू होने का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। कई यात्रियों को टनकपुर-हल्द्वानी से अन्य क्षेत्रों के लिए ट्रेन पकड़नी थी। घंटों बाद भी सड़क न खुलने उनका समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हुआ। वहीं सुबह के समय दूध, फल, सब्जियों के वाहन फंसने से आपूर्ति लड़खड़ा गई। जिला मुख्यालय में लोग ताजे दूध और सब्जियों के लिए तरस गए। बमुश्किल सात घंटे बाद दोपहर 12 बजे के करीब बोल्डरों की बारिश थमी और सड़क से मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकी। तब जाकर यात्री और वाहन गंतव्य को रवाना हो सके। झूलाघाट के विनय भट्ट, बुंगाछीना के हरीश ने बताया कि उन्हें हल्द्वानी से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़नी थी। सड़क खुलने में देरी हुई तो उनका समय पर हल्द्वानी पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में उन्हें आगे का सफर स्थगित कर घाट बैंड से वापस लौटना पड़ा।
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घाट बैंड के पास मंगलवार सुबह पांच बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। टकाना निवासी 17 वर्षीय भरत बोरा दूसरी तरफ फंसे अपने साथी को लेने स्कूटी से जा रहा था। इसी बीच ऊपर से गिरे बोल्डर की चपेट में आ गया। आसपास के लोगों ने उसे पीएचसी इग्यारदेवी पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उसके सिर में चोट है। उसका इलाज किया जा रहा है। वहीं सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों यात्रियों के साथ ही टैक्सी, माल वाहक वाहन, रोडवेज बसों के साथ एंबुलेंस भी फंसी रहीं। मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्री घंटों आवाजाही शुरू होने का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। कई यात्रियों को टनकपुर-हल्द्वानी से अन्य क्षेत्रों के लिए ट्रेन पकड़नी थी। घंटों बाद भी सड़क न खुलने उनका समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हुआ। वहीं सुबह के समय दूध, फल, सब्जियों के वाहन फंसने से आपूर्ति लड़खड़ा गई। जिला मुख्यालय में लोग ताजे दूध और सब्जियों के लिए तरस गए। बमुश्किल सात घंटे बाद दोपहर 12 बजे के करीब बोल्डरों की बारिश थमी और सड़क से मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकी। तब जाकर यात्री और वाहन गंतव्य को रवाना हो सके। झूलाघाट के विनय भट्ट, बुंगाछीना के हरीश ने बताया कि उन्हें हल्द्वानी से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़नी थी। सड़क खुलने में देरी हुई तो उनका समय पर हल्द्वानी पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में उन्हें आगे का सफर स्थगित कर घाट बैंड से वापस लौटना पड़ा।
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