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Pithoragarh News: ऊनी कपड़ों का व्यवसाय कर आर्थिकी को मजबूत कर रही गीता
Mon, 24 Nov 2025 01:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:27 AM IST
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पिथौरागढ़। मोस्टामानू निवासी गीता पंत ऊनी कपड़ों की बुनाई और इनका व्यवसाय कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने स्वरोजगार कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।
गीता पंत एनआरएलएम के नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उन्होंने एनआरएलएम से 50 हजार रुपये का ऋण लिया और ऊनी कपड़ों की बुनाई के लिए 38 हजार रुपये की लगात से निटिंग मशीन खरीदकर व्यवसाय शुरू किया। वे रोजाना ऊनी कपड़ों को तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि शुरूआत में उनके बनाए कपड़ों की अच्छी बिक्री नहीं हो पाती थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी थी। धीरे-धीरे उनके बनाए कपड़ों के डिजाइन लोगों को पंसद आने लगे और उनका व्यवसाय चलने लगा।
अब वह ऊनी कपड़ों के व्यवसाय से प्रतिमाह 10 हजार रुपये और सालाना 1.20 लाख रुपये की आमदनी कर रही हैं। उन्होंने स्वरोजगार कर आजीविका में सुधार किया है। वर्तमान में वह दो महिलाओं को ऊनी वस्त्र बनाने का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। वह गांव की महिलाओं को भी स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
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इनसेट:
ब्यूटी पार्लर और सिलाई की दुकान का भी करती हैं संचालन
पिथौरागढ़। गीता पंत ने ग्रामोत्थान से 30 हजार का ऋण और हिमोत्थान से 75 हजार रुपये का सहयोग लेकर अपने ब्यूटी पार्लर और सिलाई की दुकान का भी संचालन किया। उन्होंने कौशल को विकसित करने के लिए छह माह का सिलाई डिप्लोमा और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण हासिल किया। उनका चयन वर्ष 2024 में लखपति दीदी के लिए भी किया गया। संवाद
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गीता पंत एनआरएलएम के नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उन्होंने एनआरएलएम से 50 हजार रुपये का ऋण लिया और ऊनी कपड़ों की बुनाई के लिए 38 हजार रुपये की लगात से निटिंग मशीन खरीदकर व्यवसाय शुरू किया। वे रोजाना ऊनी कपड़ों को तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि शुरूआत में उनके बनाए कपड़ों की अच्छी बिक्री नहीं हो पाती थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी थी। धीरे-धीरे उनके बनाए कपड़ों के डिजाइन लोगों को पंसद आने लगे और उनका व्यवसाय चलने लगा।
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अब वह ऊनी कपड़ों के व्यवसाय से प्रतिमाह 10 हजार रुपये और सालाना 1.20 लाख रुपये की आमदनी कर रही हैं। उन्होंने स्वरोजगार कर आजीविका में सुधार किया है। वर्तमान में वह दो महिलाओं को ऊनी वस्त्र बनाने का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। वह गांव की महिलाओं को भी स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
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ब्यूटी पार्लर और सिलाई की दुकान का भी करती हैं संचालन
पिथौरागढ़। गीता पंत ने ग्रामोत्थान से 30 हजार का ऋण और हिमोत्थान से 75 हजार रुपये का सहयोग लेकर अपने ब्यूटी पार्लर और सिलाई की दुकान का भी संचालन किया। उन्होंने कौशल को विकसित करने के लिए छह माह का सिलाई डिप्लोमा और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण हासिल किया। उनका चयन वर्ष 2024 में लखपति दीदी के लिए भी किया गया। संवाद