{"_id":"6238bef66bf6fb6bfb1d5c33","slug":"fraud-in-gangolihat-pithoragarh-news-hld456991068","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलर पावर पैक योजना में चार लाख 68 हजार रुपये का गबन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलर पावर पैक योजना में चार लाख 68 हजार रुपये का गबन
विज्ञापन
Fraud in Gangolihat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगोलीहाट/पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के बुंगलीगांव में सोलर पावर पैक योजना में 4.68 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। उरेडा के अधिकारी जब मामले की जांच के लिए गांव पहुंचे तो आरोपी व्यक्ति ने रुपये देने से मना कर दिया। उरेडा की जांच टीम ने सीडीओ को रिपोर्ट दे दी है। इसके बाद सीडीओ ने एसडीएम को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद केस रेगुलर पुलिस को दे दिया गया है। मामले में रेगुलर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ग्रामीणों और उरेडा से मामले की जानकारी ले रही है।
गंगोलीहाट के बुंगली गांव में पावर पैक योजना के तहत वर्ष 2004-05 में 232 पावर पैक लगे थे। वर्ष 2011 में पावर पैक की बैटरियां बदलनी थी। इसमें शर्त थी कि बैटरी बदलने के लिए गांवों को 1800 रुपये अतिरिक्त जमा करने थे। गांव वालों ने बिजली पहुंचने पर बैटरियां बदलना उचित नहीं समझा और रुपये जमा नहीं किए। सोलर पावर पैक लगाते समय ग्रामीणों ने करीब 4.68 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा कराई थी लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर बनी समिति ने सिक्योरिटी राशि बैंक से निकाल ली। यह राशि वापस न मिलने पर ग्रामीणों ने जब गबन करने का आरोप लगाया तो जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। इसलिए डीएम ने सीडीओ को मामले की जांच के लिए कहा था। सीडीओ ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को जांच के लिए निर्देश दिए थे। एसडीएम ने मामले की जांच रेगुलर पुलिस को दी है। अब रेगुलर पुलिस ग्रामीणों और उरेडा से पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
गबन के आरोपी ने कहा, वापस नहीं दूंगा रुपये
पिथौरागढ़। सीडीओ के निर्देश के बाद जब उरेडा की टीम मामले की जांच के लिए बुंगली गांव पहुंची तो गबन करने वाले आरोपी का कहना था कि अधिकतर ग्रामीणों ने पावर पैक बेच दिए हैं। अब उन्हें वह राशि वापस नहीं देंगे। उरेडा की जांच टीम ने पूरी रिपोर्ट सीडीओ को दी। इसके बाद सीडीओ ने संबंधित एसडीएम से मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने मामले की जांच रेगुलर पुलिस को दे दी है।
विज्ञापन
गंगोलीहाट के बुंगली ग्राम पंचायत में सोलर पावर पैक योजना के तहत 232 पावर पैक लगाए गए थे। इसमें 4.68 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद जांच को टीम गांव गई थी। गबन करने वाले व्यक्ति ने रुपये वापस देने से मना कर दिया। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। मामले में रेगुलर पुलिस जांच कर रही है। - एमएस रावत, परियोजना प्रबंधक, उरेडा, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
गंगोलीहाट के बुंगली गांव में पावर पैक योजना के तहत वर्ष 2004-05 में 232 पावर पैक लगे थे। वर्ष 2011 में पावर पैक की बैटरियां बदलनी थी। इसमें शर्त थी कि बैटरी बदलने के लिए गांवों को 1800 रुपये अतिरिक्त जमा करने थे। गांव वालों ने बिजली पहुंचने पर बैटरियां बदलना उचित नहीं समझा और रुपये जमा नहीं किए। सोलर पावर पैक लगाते समय ग्रामीणों ने करीब 4.68 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा कराई थी लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर बनी समिति ने सिक्योरिटी राशि बैंक से निकाल ली। यह राशि वापस न मिलने पर ग्रामीणों ने जब गबन करने का आरोप लगाया तो जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। इसलिए डीएम ने सीडीओ को मामले की जांच के लिए कहा था। सीडीओ ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को जांच के लिए निर्देश दिए थे। एसडीएम ने मामले की जांच रेगुलर पुलिस को दी है। अब रेगुलर पुलिस ग्रामीणों और उरेडा से पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
गबन के आरोपी ने कहा, वापस नहीं दूंगा रुपये
पिथौरागढ़। सीडीओ के निर्देश के बाद जब उरेडा की टीम मामले की जांच के लिए बुंगली गांव पहुंची तो गबन करने वाले आरोपी का कहना था कि अधिकतर ग्रामीणों ने पावर पैक बेच दिए हैं। अब उन्हें वह राशि वापस नहीं देंगे। उरेडा की जांच टीम ने पूरी रिपोर्ट सीडीओ को दी। इसके बाद सीडीओ ने संबंधित एसडीएम से मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने मामले की जांच रेगुलर पुलिस को दे दी है।
विज्ञापन
गंगोलीहाट के बुंगली ग्राम पंचायत में सोलर पावर पैक योजना के तहत 232 पावर पैक लगाए गए थे। इसमें 4.68 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद जांच को टीम गांव गई थी। गबन करने वाले व्यक्ति ने रुपये वापस देने से मना कर दिया। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। मामले में रेगुलर पुलिस जांच कर रही है। - एमएस रावत, परियोजना प्रबंधक, उरेडा, पिथौरागढ़।