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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ जिले में धधके जंगल
Sat, 20 Apr 2024 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 20 Apr 2024 11:24 PM IST
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पिथौरागढ़ के दोबांस क्षेत्र के कुनकटिया में लगी आग। स्रोत: ग्रामीण
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पिथौरागढ़/थल/अस्कोट। सीमांत जिले के जंगलों में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब तक करीब 55 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। शुक्रवार रात को सतगढ़ गांव के जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते आग गोशाला तक पहुंचने लगी। युवाओं ने रात में किसी तरह आग पर काबू पाया।
मूनाकोट ब्लॉक के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख खीमराज जोशी ने बताया कि कुनकटिया और नैनीपातल में बांज के जंगल में आग लगी हुई है। इससे बांज के पेड़ और अन्य वनस्पतियों को काफी नुकसान हो रहा है। उधर अस्कोट के जंगलों में चारों ओर आग लगी है। मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर के आसपास लगी आग में छोटे-बड़े पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं।
शुक्रवार को कालीनाग रेंज में आग लगने से रात भर जंगल जलता रहा। इससे शनिवार को थल क्षेत्र में धुआं भर गया। तापमान बढ़ने से स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों के गले में खराश, आंखों में जलन और दमा के रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आग से जंगली जानवरों के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। पक्षियों का प्रवास काल होने से उनके घोंसले जल गए हैं। साथ ही जलस्राेतों में भी पानी सूखने लगा है।
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बीते एक हफ्ते से थल क्षेत्र के चारों ओर के जंगल सुलग रहे हैं। आग से लाखों की वन संपदा नष्ट हो चुकी है। वन विभाग के हजेती, कालीगाड़ और आमथल के साथ ही वन पंचायत दड़मोली में दावाग्नि की घटनाएं हो चुकी हैं।
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मूनाकोट ब्लॉक के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख खीमराज जोशी ने बताया कि कुनकटिया और नैनीपातल में बांज के जंगल में आग लगी हुई है। इससे बांज के पेड़ और अन्य वनस्पतियों को काफी नुकसान हो रहा है। उधर अस्कोट के जंगलों में चारों ओर आग लगी है। मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर के आसपास लगी आग में छोटे-बड़े पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं।
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शुक्रवार को कालीनाग रेंज में आग लगने से रात भर जंगल जलता रहा। इससे शनिवार को थल क्षेत्र में धुआं भर गया। तापमान बढ़ने से स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों के गले में खराश, आंखों में जलन और दमा के रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आग से जंगली जानवरों के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। पक्षियों का प्रवास काल होने से उनके घोंसले जल गए हैं। साथ ही जलस्राेतों में भी पानी सूखने लगा है।
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बीते एक हफ्ते से थल क्षेत्र के चारों ओर के जंगल सुलग रहे हैं। आग से लाखों की वन संपदा नष्ट हो चुकी है। वन विभाग के हजेती, कालीगाड़ और आमथल के साथ ही वन पंचायत दड़मोली में दावाग्नि की घटनाएं हो चुकी हैं।