पानी के पांच स्रोत सूखने की कगार पर
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डीडीहाट में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। नौ प्राकृतिक स्रोतों का पानी एकत्र कर नगर के लोगों में बांटा जाता है, लेकिन इनमें से पांच स्रोत सूखने की कगार पर आ गए हैं। नगर क्षेत्र में स्थित पुष्कर धारा, लेकमाल धारा और मोतीधारा का पानी भी लगातार कम हो रहा है। इनमें पानी भरने के लिए रात तक लोगों की भीड़ लगी रहती है। लोग इस बात से आशंकित हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ती है तो क्या होगा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने कहा कि स्रोतों का पानी लगातार कम हो रहा है। जल संस्थान टैंकरों से पानी का वितरण करेगा। वहीं, लोगों का आरोप है कि जल संस्थान जरूरत के मुताबिक पानी नहीं जुटा पा रहा है।
लिफ्ट पेयजल योजना जल्दी बनाएं
नगर निवासी अजीत डसीला का कहना है कि पानी का स्तर लगातार कम होने से समस्या बढ़ रही है, यदि लिफ्ट पेयजल योजना बन जाती तो लोगों को राहत मिल जाती। उन्होंने कहा कि तत्काल डीडीहाट के लिए लिफ्ट पेयजल योजना बनाई जाए और लोगों की समस्या का समाधान किया जाए।
असमान वितरण समस्या का कारण
नगर निवासी मंटू बोरा का कहना है कि असमान वितरण के कारण समस्या ज्यादा खड़ी होती है, यदि वितरण सही किया जाए तो संकट पैदा नहीं हो सकता। वह कहते हैं कि पानी सभी को समान रूप से मिलना चाहिए। अवैध रूप से पानी लेने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
हाल के वर्षों में बढ़ा है संकट
नगर निवासी नैन सिंह का कहना है कि पहले डीडीहाट में पानी का इतना हाहाकार नहीं था। हाल के वर्षों में संकट बढ़ा है। आबादी बढ़ने, बारिश कम होने से यह स्थिति आ रही है। इस संकट से निपटने के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। अन्यथा आने वाली पीढ़ी के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।