फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Engineering college could not get permanent professor even after 13 years

Pithoragarh News: इंजीनियरिंग कॉलेज को 13 साल बाद भी नहीं मिल सके स्थायी प्राध्यापक

Sat, 12 Oct 2024 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 12 Oct 2024 10:45 PM IST
विज्ञापन
Engineering college could not get permanent professor even after 13 years
सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा का ज्ञान देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने के दावे कर इंजीनियरिंग कॉलेज खोला गया लेकिन 13 साल बाद भी यहां व्यवस्थाएं नहीं बदल सकी हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां अब तक एक भी स्थायी प्राध्यापक की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में युवाओं को आउटसोर्स के भरोसे तकनीकी शिक्षा में दक्ष बनाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन

सीमांत के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा का ज्ञान देने के लिए वर्ष 2011 में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की गई थी। युवाओं को उम्मीद थी कि स्थानीय स्तर पर खोले गए कॉलेज में व्यवस्थाएं बेहतर मिलेंगी और उन्हें तकनीकी शिक्षा के लिए महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उनकी यह उम्मीद अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राध्यापकों के 86 पद स्वीकृत हैं। 13 साल बाद भी न तो कॉलेज में स्थायी प्राध्यापक की नियुक्ति हुई और ना ही पर्याप्त प्राध्यापकों की तैनाती ही हो सकी। किसी तरह आउटसोर्स से 80 प्राध्यापकों की तैनाती कर युवाओं को तकनीकी ज्ञान बांटा जा रहा है। अब भी प्राध्यापकों के छह पद रिक्त हैं। संवाद
विज्ञापन

स्थायी प्राध्यापक न होने से प्रवेश नहीं ले रहे विद्यार्थी

पिथौरागढ़। इंजीनियरिंग कॉलेज में आउटसोर्स पर आठ प्रोफेसर, 16 सह-प्राध्यापक और 56 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। स्थायी प्राध्यापक न होने से विद्यार्थी यहां प्रवेश लेने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। 1500 सीटों के सापेक्ष यहां सिर्फ 355 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट

इंजीनियरिंग कॉलेज में आउटसोर्स से 80 प्राध्यापक तैनात हैं जो नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। स्थायी प्राध्यापकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - अजीत सिंह, निदेशक, सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed