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झूलाघाट में विस्फोट के कारणों का नहीं चला पता
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट (पिथौरागढ़)।
Updated Thu, 16 Mar 2017 10:36 PM IST
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झूलाघाट में विस्फोट वाली जगह का निरीक्षण करते बम डिस्पोजल टीम के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय झूलापुल के पास बुधवार की शाम कूड़े के ढेर में हुए विस्फोट के कारणों की जांच के लिए पहुंची टीम को मौके से किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री, बारूद या अन्य सामग्री नहीं मिली। बम डिस्पोजल टीम और खोजी कुत्ते ने पूरे इलाके की छानबीन की। टीम के सदस्यों ने मोटे तौर पर यही अंदाजा लगाया है कि कूड़े में पटाखे, फोन या अन्य प्रकार की बैटरियों में आग लगने से यह धमाका हुआ होगा। फिलहाल जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक अजय जोशी के निर्देश पर बृहस्पतिवार सुबह बम डिस्पोजल टीम के सदस्य खोजी कुत्ते के साथ यहां पहुंचे। टीम में शामिल कांस्टेबल चंद्र किशोर, पंकज बसेड़ा, भानुप्रताप, प्रकाश रावत के साथ थाना प्रभारी टीएस राणा, संजय सिंह, मनोज देव, एसएसबी के निरीक्षक जसवंत सिंह ने विस्फोट वाले स्थान का गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने मलबे की बारीकी से जांच की।
सीओ हिमांशु साह ने बताया कि मलबे से किसी प्रकार का विस्फोटक या बारूद नहीं मिला। कूड़े के ढेर में कई प्रकार की सामग्री जरूर जली थी। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ने खराब पड़ी बैटरी को कूड़े में फेंक दिया होगा और आग लगने से उसमें विस्फोट हुआ होगा। फिर भी पुलिस इस मामले की जांच जारी रखेगी। नेपाल सीमा पर स्थित कस्बे में हुई इस घटना को पुलिस काफी गंभीरता से ले रही है। पुलिस ने कस्बे के लोगों से कहा है कि इस घटना को लेकर किसी प्रकार घबराने की जरूरत नहीं है।
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बुधवार शाम झूलापुल के ठीक नीचे फेंके जाने वाले कूड़े के ढेर में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट के साथ निकले पत्थर महाकाली पार नेपाल तक पहुंच गए। एसएसबी और पुलिस की टीम ने बुधवार शाम ही प्रारंभिक जांच शुरू कर दी थी। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय से पहुंची टीम ने भी मौका मुआयना किया। पुलिस ने लगातार निगरानी का फैसला लिया है। साथ ही जांच जारी रखने की बात कही है। नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी भी घटना पर लगातार नजर रख रही है। बताया गया है कि विस्फोट सिर्फ एक बार हुआ। उसके बाद कूड़े में लगी आज बुझा दी गई थी।
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पुलिस अधीक्षक अजय जोशी के निर्देश पर बृहस्पतिवार सुबह बम डिस्पोजल टीम के सदस्य खोजी कुत्ते के साथ यहां पहुंचे। टीम में शामिल कांस्टेबल चंद्र किशोर, पंकज बसेड़ा, भानुप्रताप, प्रकाश रावत के साथ थाना प्रभारी टीएस राणा, संजय सिंह, मनोज देव, एसएसबी के निरीक्षक जसवंत सिंह ने विस्फोट वाले स्थान का गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने मलबे की बारीकी से जांच की।
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सीओ हिमांशु साह ने बताया कि मलबे से किसी प्रकार का विस्फोटक या बारूद नहीं मिला। कूड़े के ढेर में कई प्रकार की सामग्री जरूर जली थी। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ने खराब पड़ी बैटरी को कूड़े में फेंक दिया होगा और आग लगने से उसमें विस्फोट हुआ होगा। फिर भी पुलिस इस मामले की जांच जारी रखेगी। नेपाल सीमा पर स्थित कस्बे में हुई इस घटना को पुलिस काफी गंभीरता से ले रही है। पुलिस ने कस्बे के लोगों से कहा है कि इस घटना को लेकर किसी प्रकार घबराने की जरूरत नहीं है।
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बुधवार शाम झूलापुल के ठीक नीचे फेंके जाने वाले कूड़े के ढेर में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट के साथ निकले पत्थर महाकाली पार नेपाल तक पहुंच गए। एसएसबी और पुलिस की टीम ने बुधवार शाम ही प्रारंभिक जांच शुरू कर दी थी। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय से पहुंची टीम ने भी मौका मुआयना किया। पुलिस ने लगातार निगरानी का फैसला लिया है। साथ ही जांच जारी रखने की बात कही है। नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी भी घटना पर लगातार नजर रख रही है। बताया गया है कि विस्फोट सिर्फ एक बार हुआ। उसके बाद कूड़े में लगी आज बुझा दी गई थी।