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Pithoragarh News: ढोल, दमाऊं और छोलिया नृत्य पर भी रात 10 बजे के बाद हो प्रतिबंध
Thu, 16 May 2024 10:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 16 May 2024 10:30 PM IST
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पिथौरागढ़। विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छोलिया संगठन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम रीना जोशी को ज्ञापन सौंपकर रात 10 बजे बाद ढोल, दमाऊं और छोलिया नृत्य पर प्रतिबंध लगाने और शादी के दौरान आतिशबाजी भी बंद कराने की मांग की।
बृहस्पतिवार को छोलिया दल संगठन के सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से शादी और महोत्सवों से अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं। कहा कि कभी रात 12 बजे शादी निपटती है तो कभी एक बजे, ऐसी स्थिति में हमें सोने के लिए होटलों में भी व्यवस्था नहीं मिलती क्योंकि होटल भी रात 10 बजे बाद बंद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में दूरदराज अपने घर जाना पड़ता है। इसी कारण हाल ही में एक छोलिया दल का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह शादी में रात 10 बजे के बाद डीजे प्रतिबंधित किया गया है, उसी प्रकार ढोल, दमाऊं और छोलिया नृत्य पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बाद भी कुछ छोलिया दल छोलियों के बीच में महिला नर्तकी को नचा रहे हैं जिससे हमारी छोलिया संस्कृति विलुप्ति की कगार पर है और महिलाओं का अपमान हो रहा है।
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उन्होंने शादी के दौरान आतिशबाजी पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आतिशबाजी से अग्निकांड हो सकता है। उन्होंने जल्द छोलिया नृतकों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। इस दौरान रमेश लाल, महेश राम, किशन राम, जीवन राम, महेंद्र प्रसाद, राकेश, ललित कुमार, मुकेश सहित कई छोलिया नृतक मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को छोलिया दल संगठन के सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से शादी और महोत्सवों से अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं। कहा कि कभी रात 12 बजे शादी निपटती है तो कभी एक बजे, ऐसी स्थिति में हमें सोने के लिए होटलों में भी व्यवस्था नहीं मिलती क्योंकि होटल भी रात 10 बजे बाद बंद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में दूरदराज अपने घर जाना पड़ता है। इसी कारण हाल ही में एक छोलिया दल का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह शादी में रात 10 बजे के बाद डीजे प्रतिबंधित किया गया है, उसी प्रकार ढोल, दमाऊं और छोलिया नृत्य पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बाद भी कुछ छोलिया दल छोलियों के बीच में महिला नर्तकी को नचा रहे हैं जिससे हमारी छोलिया संस्कृति विलुप्ति की कगार पर है और महिलाओं का अपमान हो रहा है।
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उन्होंने शादी के दौरान आतिशबाजी पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आतिशबाजी से अग्निकांड हो सकता है। उन्होंने जल्द छोलिया नृतकों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। इस दौरान रमेश लाल, महेश राम, किशन राम, जीवन राम, महेंद्र प्रसाद, राकेश, ललित कुमार, मुकेश सहित कई छोलिया नृतक मौजूद रहे।