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सुरक्षित प्रसव के बाद मूकबाधिर महिला के नवजात बच्चे की मौत
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जिला महिला अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी में परिजनों से बात करते पीएमएस। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में एक मूक बधिर महिला के सुरक्षित सामान्य प्रसव के बाद हल्द्वानी रेफर किए गए नवजात की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। तनाव रोकने के लिए अस्पताल में पुलिस तैनात की गई। प्रसूता के परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान महिला के साथ अभद्रता की गई। दर्द को कम करने के लिए लगाए दो इंजेक्शनों के कारण बच्चे की पेट में तबियत बिगड़ी जिस कारण नवजात की मौत हुई है।
लखतीगांव डीडीहाट निवासी रविंद्र कुमार की मूक बधिर पत्नी तनुजा विश्वकर्मा (25) को आठ जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई। इसलिए रात एक बजे परिजन उसे निजी वाहन से महिला अस्पताल लाए। वहां नौ जुलाई को दोपहर 12:58 बजे सामान्य प्रसव हुआ। तनुजा ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। महिला के परिजनों का कहना है कि अचानक नवजात की तबियत खराब होने पर उसे एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया। हल्द्वानी में नवजात की मौत हो गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला अस्पताल प्रबंधन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि जब प्रसव तनुजा को तेज प्रसव पीड़ा उठ रही थी। तब अस्पताल प्रबंधन ने तनुजा को दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन लगने के बाद पेट से ही नवजात की तबियत बिगड़ने लगी। इंजेक्शन के बाद तनुजा ने उल्टी कर दी। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती है जिस कारण नवजात की तबियत बिगड़ी। महिला के परिजनों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मूक बधिर है तो क्यों कराई शादी
पिथौरागढ़। मूक बधिर महिला के परिजनों का कहना है कि जब तनुजा को प्रसव पीड़ा उठ रही थी, तब उन्होंने ड्यूटी में तैनात स्टाफ को बताया कि तनुजा मूक बधिर है और वह बोल नहीं सकती है। इसके बाद किसी स्टाफ के कर्मचारी ने मूक बधिर थी तो शादी क्यों कराई जैसा सवाल कर संवेदनहीनता की हद पार कर दी। परिजनों का कहना है कि उनके साथ और भी अभद्रता की गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को तनुजा के प्रति ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था।
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मां के पेट का गंदा पानी बच्चे के पेट में चला गया जिसके बाद रेफर किया गया था। हल्द्वानी में नवजात की मौत हुई है। महिला के परिजनों का कहना है कि प्रसव पीड़िता के साथ अभद्रता हुई है। उनके कहने पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की सूची उन्हें दे दी है, जो सूची लेकर सीएमओ कार्यालय गए हैं। उनके निर्देशों के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
जिला महिला अस्पताल में रात्रि के वक्त ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की सूची लेकर महिला के परिजन आए थे। किसी कारणवश उनसे बात नहीं हुई। उन्होंने कार्यालय में पत्र जमा किया है। पत्र के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जांच कमेटी गठित करने के लिए पीएमएस को पत्र भेजा जाएगा।
- डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।
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लखतीगांव डीडीहाट निवासी रविंद्र कुमार की मूक बधिर पत्नी तनुजा विश्वकर्मा (25) को आठ जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई। इसलिए रात एक बजे परिजन उसे निजी वाहन से महिला अस्पताल लाए। वहां नौ जुलाई को दोपहर 12:58 बजे सामान्य प्रसव हुआ। तनुजा ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। महिला के परिजनों का कहना है कि अचानक नवजात की तबियत खराब होने पर उसे एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया। हल्द्वानी में नवजात की मौत हो गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला अस्पताल प्रबंधन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि जब प्रसव तनुजा को तेज प्रसव पीड़ा उठ रही थी। तब अस्पताल प्रबंधन ने तनुजा को दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन लगने के बाद पेट से ही नवजात की तबियत बिगड़ने लगी। इंजेक्शन के बाद तनुजा ने उल्टी कर दी। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती है जिस कारण नवजात की तबियत बिगड़ी। महिला के परिजनों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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मूक बधिर है तो क्यों कराई शादी
पिथौरागढ़। मूक बधिर महिला के परिजनों का कहना है कि जब तनुजा को प्रसव पीड़ा उठ रही थी, तब उन्होंने ड्यूटी में तैनात स्टाफ को बताया कि तनुजा मूक बधिर है और वह बोल नहीं सकती है। इसके बाद किसी स्टाफ के कर्मचारी ने मूक बधिर थी तो शादी क्यों कराई जैसा सवाल कर संवेदनहीनता की हद पार कर दी। परिजनों का कहना है कि उनके साथ और भी अभद्रता की गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को तनुजा के प्रति ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था।
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मां के पेट का गंदा पानी बच्चे के पेट में चला गया जिसके बाद रेफर किया गया था। हल्द्वानी में नवजात की मौत हुई है। महिला के परिजनों का कहना है कि प्रसव पीड़िता के साथ अभद्रता हुई है। उनके कहने पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की सूची उन्हें दे दी है, जो सूची लेकर सीएमओ कार्यालय गए हैं। उनके निर्देशों के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
जिला महिला अस्पताल में रात्रि के वक्त ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की सूची लेकर महिला के परिजन आए थे। किसी कारणवश उनसे बात नहीं हुई। उन्होंने कार्यालय में पत्र जमा किया है। पत्र के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जांच कमेटी गठित करने के लिए पीएमएस को पत्र भेजा जाएगा।
- डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।