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Pithoragarh News: दारमा संघर्ष समिति ने लगाए टीएचडीसी वापस जाओ के नारे
Fri, 02 Jun 2023 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 02 Jun 2023 11:11 PM IST
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धारचूला(पिथौरागढ)। दारमा संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने दारमा घाटी में प्रस्तावित डैम बोकांग बालिंग के सर्वेक्षण कार्य स्थल ढाकर (10662 फुट) में दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने टीएचडीसी वापस जाओ के नारे लगाए। उन्होंने 15 दिन में शासन प्रशासन की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर कार्य स्थल और धारचूला तहसील कार्यालय में कर्मिक अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में माइग्रेशन में जाने के बाद दारमा संघर्ष समिति के आह्वान पर दारमा के ग्रामीण उच्च हिमालयी गांव ढाकर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित बोकांग बालिंग जल विद्युत परियोजना के सर्वेक्षण कार्यस्थल में जाकर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान ग्रामीणों ने टीएचडीसी वापस जाओ के नारे लगाए। मौके में मौजूद टीएचडीसी के प्रबंधक डीएस पंचपाल को ग्रामीणों ने बिना अनुमति से नाप भूमि में बने अपने टेंट और सामान को 15 दिन के अंदर हटाने की चेतावनी दी। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह ग्वाल ने कहा की सर्वेक्षण कंपनी ग्रामीणों के नाप भूमि में बिना सहमति के अपना कैंप दो-तीन वर्षों से लगाए हुए है। ग्रामीणों की ओर से कंपनी को कई बार हटने को कहा गया, लेकिन कंपनी को किसी भी कानून व्यवस्था का भय नहीं दिख रहा है और मनमाफिक तरीके से जगह-जगह सुरंग खोदी जा रही हैं। जिससे दारमा क्षेत्र में भूस्खलन का भय बना हुआ है। अध्यक्ष ग्वाल ने कहा कि 15 दिन के अंदर शासन प्रशासन ने सर्वे कार्य बंद नहीं कराया तो धारचूला तहसील और कार्यस्थल में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
समिति के संरक्षक नारायण सिंह दरियाल ने कहा कि दारमा क्षेत्र एसटीएससी बहुल्य क्षेत्र है। यहां की संस्कृति परंपरा पर्यावरण को बड़ी जल विद्युत परियोजना बनने से बहुत नुकसान होगा। इस मौके पर उपाध्यक्ष जीवन सिंह मार्छाल, राम सिंह सोनाल, छोरी बोनाल, मनोज नगन्याल, अमर सिंह, अरविंद सिंह, कृष्ण सिंह फिरमाल, धीरा सिंह ग्वाल ,चंद्र सिंह, जगत सिंह,राम सिंह सोनाल, जीवन सिंह ममता ग्वाल, आशा ग्वाल मानमती ग्वाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में माइग्रेशन में जाने के बाद दारमा संघर्ष समिति के आह्वान पर दारमा के ग्रामीण उच्च हिमालयी गांव ढाकर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित बोकांग बालिंग जल विद्युत परियोजना के सर्वेक्षण कार्यस्थल में जाकर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान ग्रामीणों ने टीएचडीसी वापस जाओ के नारे लगाए। मौके में मौजूद टीएचडीसी के प्रबंधक डीएस पंचपाल को ग्रामीणों ने बिना अनुमति से नाप भूमि में बने अपने टेंट और सामान को 15 दिन के अंदर हटाने की चेतावनी दी। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह ग्वाल ने कहा की सर्वेक्षण कंपनी ग्रामीणों के नाप भूमि में बिना सहमति के अपना कैंप दो-तीन वर्षों से लगाए हुए है। ग्रामीणों की ओर से कंपनी को कई बार हटने को कहा गया, लेकिन कंपनी को किसी भी कानून व्यवस्था का भय नहीं दिख रहा है और मनमाफिक तरीके से जगह-जगह सुरंग खोदी जा रही हैं। जिससे दारमा क्षेत्र में भूस्खलन का भय बना हुआ है। अध्यक्ष ग्वाल ने कहा कि 15 दिन के अंदर शासन प्रशासन ने सर्वे कार्य बंद नहीं कराया तो धारचूला तहसील और कार्यस्थल में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
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समिति के संरक्षक नारायण सिंह दरियाल ने कहा कि दारमा क्षेत्र एसटीएससी बहुल्य क्षेत्र है। यहां की संस्कृति परंपरा पर्यावरण को बड़ी जल विद्युत परियोजना बनने से बहुत नुकसान होगा। इस मौके पर उपाध्यक्ष जीवन सिंह मार्छाल, राम सिंह सोनाल, छोरी बोनाल, मनोज नगन्याल, अमर सिंह, अरविंद सिंह, कृष्ण सिंह फिरमाल, धीरा सिंह ग्वाल ,चंद्र सिंह, जगत सिंह,राम सिंह सोनाल, जीवन सिंह ममता ग्वाल, आशा ग्वाल मानमती ग्वाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
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