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Pithoragarh News: मशीनों से खड़िया खनन होने से मकानों को खतरा
Sun, 04 Feb 2024 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 04 Feb 2024 11:49 PM IST
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पिथौरागढ़। देवलथल तहसील क्षेत्र में खड़िया खनन से कई गांव खतरे में हैं। लोहाकोट में खड़िया खनन से अनुसूचित जाति बस्ती लोहाकोट में कई परिवार खतरे में हैं। यहां पर पूर्व में दो लोगों के मकान टूट चुके हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार का कहना है कि देवलथल बाजार से ऊपर खड़िया खनन से बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से उनमें पानी भरा हुआ है।
पहले खनन से तीन ग्रामीणों के मकानों में दरारें आई थी और बिसुन गांव निवासी छह ग्रामीणों की कई कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो गई थी। हराली गांव में खड़िया खनन से जोशीगांव के कई मकान खतरे में हैं। इसके बावजूद खनन विभाग पोकलैंड जैसी बड़ी मशीनों से खनन के लिए अनुमति दे रहा है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों का नुकसान हो रहा है उन लोगों की किसी प्रकार की कोई मदद नहीं दी जा रही है। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों को मिलने वाले खनिज फाउंडेशन मद के भी दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी और खान अधिकारी से देवलथल क्षेत्र के खनन प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करने के बाद ही खनन करने की अनुमति देने की मांग की है। संवाद
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पहले खनन से तीन ग्रामीणों के मकानों में दरारें आई थी और बिसुन गांव निवासी छह ग्रामीणों की कई कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो गई थी। हराली गांव में खड़िया खनन से जोशीगांव के कई मकान खतरे में हैं। इसके बावजूद खनन विभाग पोकलैंड जैसी बड़ी मशीनों से खनन के लिए अनुमति दे रहा है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों का नुकसान हो रहा है उन लोगों की किसी प्रकार की कोई मदद नहीं दी जा रही है। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों को मिलने वाले खनिज फाउंडेशन मद के भी दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी और खान अधिकारी से देवलथल क्षेत्र के खनन प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करने के बाद ही खनन करने की अनुमति देने की मांग की है। संवाद
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