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Pithoragarh News: जल जीवन मिशन से कनेक्शन जोड़ा पर नहीं टपकी नलों से बूंद

Sun, 26 Jul 2026 10:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 26 Jul 2026 10:26 PM IST
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Connection was made to the Jal Jeevan Mission, but not a drop dripped from the taps
बंगापानी (पिथौरागढ़)। तेजम तहसील के होकरा गांव में जल जीवन मिशन का हाल बेहाल है। यहां 165 परिवारों को योजना के तहत कनेक्शन तो दिए गए लेकिन क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण नलों में पानी की एक बूंद नहीं टपकी, बावजूद इसके जल संस्थान लोगों को समय पर भारी-भरकम बिल जरूर भेज रहा है। परेशान लोग सीएम से लेकर डीएम तक शिकायत पहुंचा चुके हैं पर समाधान के रास्ते अब तक बंद ही पड़े हैं।
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जल संस्थान डीडीहाट ने साल 2021 में होकरा गांव को जल जीवन मिशन योजना से जोड़ते हुए घरों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया। संस्थान ने योजना के तहत घरों तक नल तो पहुंचा दिए पर लोगों की पानी की किल्लत दूर नहीं हो सकी। योजना में बिछाई गई पेयजल लाइनें आए दिन क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे पानी की आपूर्ति आए दिन लंबे समय तक बाधित रहती है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि योजना की शुरुआत से ही लाइनों के क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला शुरू हो गया था। आए दिन प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना लोगों की मजबूरी बन गया है। उन्होंने विभाग और ठेकेदार पर मिलीभगत कर निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है।
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गांव के खुशाल सिंह, रमेश सिंह ने बताया कि पूर्व में स्वजल, जलागम आदि योजनाओं में क्षेत्र के लोगों ने श्रमदान कर कनेक्शन लिए थे। तब पानी सुचारु रूप से मिलता था। इन योजनाओं को भी साल 2021 में जल जीवन मिशन से जोड़ दिया गया और अब लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
लोग बोले


योजना से जुड़ने के साथ ही गांव में पेयजल की किल्लत है। विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से घटिया कार्य कर योजना के धन को ठिकाने लगाया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए।
-संतोष कुमार, प्रधान होकरा

जल जीवन मिशन योजना से गांव के लोगों को पानी नहीं पहुंच रहा है। दो वर्ष से योजना की जांच के लिए मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बहुउद्देशीय शिविरों में मांग की जा रही है लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। -खुशाल सिंह मेहता, होकरा




ग्राम पंचायत के अनुरोध पर ही यह योजना मार्च 2026 में ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी गई है। अब इसका रख-रखाव ग्राम पंचायत ही करेगी। आपदा के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई तो विभाग लाइन का निर्माण करेगा।
-सुरेश चंद्र जोशी, ईई जल संस्थान डीडीहाट
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