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Pithoragarh News: सीएम साहब, हमारे दारमा की भी सुध लीजिए...
Sun, 23 Jun 2024 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 23 Jun 2024 11:00 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश में सीएम पुष्कर सिंह धामी से दिलिंग दारमा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। उन्हाेंने दारमा घाटी की समस्याओं के हल के लिए ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि दारमा घाटी को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला सोबला-तिदांग मोटर मार्ग पिछले आठ साल से दर गांव के ठीक नीचे भूस्खलन के चलते जून से सितंबर तक बंद रहता है। इसके चलते घाटी के 17 गांवों के लोग स्वास्थ्य, खाद्य सुविधा और पर्यटन के रोजगार से वंचित रहते हैं।
उन्होंने भूस्खलन से प्रभावित 500 मीटर मोटर मार्ग का सुधारीकरण करने का अनुरोध किया है। कहा कि भूस्खलन से कई ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ग्रामीण जोखिम उठाकर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने दर गांव के ग्रामीणों के विस्थापन, सीपू, मार्छा, तिदांग और धौली नदी के पार के गां गो, फिलम, बौन, चल, सेला, बौगलिंग को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग की है।
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कहा कि बगैर सड़क के इन गांवों का विकास संभव नहीं है। कहा कि पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पंचाचूली पर्वत महान दानवीरा जसुली देवी के गांव दांतू, दुग्तू के मध्य स्थित है। पंचाचूली का विहंगम दृश्य फिलम और बौन गांव से दिखाई देता है।
उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फिलम और दुग्तू के मध्य पैदल झूलापुल का निर्माण करने की मांग की है। कहा कि इससे छह गांवों को पर्यटन से रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही सात किमी की पैदल दूरी कम हो जाएगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के सचिव दिनेश सिंह चलाल, पूर्व चेयरमैन अशोक नबियाल, कृष्णा गर्ब्याल, दीपक रोंकली आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में कहा कि दारमा घाटी को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला सोबला-तिदांग मोटर मार्ग पिछले आठ साल से दर गांव के ठीक नीचे भूस्खलन के चलते जून से सितंबर तक बंद रहता है। इसके चलते घाटी के 17 गांवों के लोग स्वास्थ्य, खाद्य सुविधा और पर्यटन के रोजगार से वंचित रहते हैं।
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उन्होंने भूस्खलन से प्रभावित 500 मीटर मोटर मार्ग का सुधारीकरण करने का अनुरोध किया है। कहा कि भूस्खलन से कई ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ग्रामीण जोखिम उठाकर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने दर गांव के ग्रामीणों के विस्थापन, सीपू, मार्छा, तिदांग और धौली नदी के पार के गां गो, फिलम, बौन, चल, सेला, बौगलिंग को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग की है।
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कहा कि बगैर सड़क के इन गांवों का विकास संभव नहीं है। कहा कि पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पंचाचूली पर्वत महान दानवीरा जसुली देवी के गांव दांतू, दुग्तू के मध्य स्थित है। पंचाचूली का विहंगम दृश्य फिलम और बौन गांव से दिखाई देता है।
उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फिलम और दुग्तू के मध्य पैदल झूलापुल का निर्माण करने की मांग की है। कहा कि इससे छह गांवों को पर्यटन से रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही सात किमी की पैदल दूरी कम हो जाएगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के सचिव दिनेश सिंह चलाल, पूर्व चेयरमैन अशोक नबियाल, कृष्णा गर्ब्याल, दीपक रोंकली आदि शामिल रहे।