{"_id":"62868d82c3fa4b572a640abe","slug":"civic-aminities-pithoragarh-news-hld4631754194","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारमा घाटी के अंतिम गांव सीपू में 12 हजार फुट की ऊचाई पर जून माह में होगा महादेव महाकुंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दारमा घाटी के अंतिम गांव सीपू में 12 हजार फुट की ऊचाई पर जून माह में होगा महादेव महाकुंभ
विज्ञापन
ध्वस्त पड़ा दारमा घाटी के अंतिम गांव मार्छा और सीपू गांव को जाने वाला पैदल मार्ग। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला(पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के अंतिम गांव सीपू में प्रत्येक 12 साल बाद होने वाला महादेव का महाकुंभ मेला जून के तीसरे सप्ताह में 17 जून से 23 जून तक होगा। इसकी तैयारी के लिए ग्रामीण जुट गए हैं। ग्रामीणों ने पूजा के लिए खाद्य सामग्री और अन्य सामान पहुंचाना शुरू कर दिया है।
पिछले वर्ष ग्लेशियर खिसकने से ध्वस्त आठ किलोमीटर खराब पैदल मार्ग को अब तक ठीक नहीं किया गया है। इस कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को सामान पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान शांति सीपाल ने प्रशासन और लोनिवि से जल्द पैदल मार्ग को ठीक करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि दारमा घाटी के अधिकतर लोग वर्तमान समय तक अपने-अपने गांव पहुंच चुके हैं। तिदांग, मार्छा और सीपू के बीच पैदल मार्ग खराब होने के कारण हम लोगों को अपना राशन और अन्य सामग्री घोड़े-खच्चर से पहुंचानी पड़ रही है।
दारमा घाटी में तवाघाट से ढाकर तक लगभग 65 किलोमीटर सड़क गांव से जुड़ गई है लेकिन अभी भी दो गांव मार्छा और सीपू गांव के लोगों को चार से आठ किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। सीपू निवासी जीवन सीपाल ने बताया कि आगामी 17 जून से 23 तक पूजा पाठ के साथ-साथ खेलकूद प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रसिद्ध मूर्तिकार डीआर सीपाल ने बताया कि उनके गांव में प्रत्येक 12 साल बाद होने वाली महादेव की महाकुंभ पूजा इस बार जून में हो रही है। इससे देश के विभिन्न प्रदेशों में रह रहे लोगों में काफी उत्साह है। पूजा में लोगों की काफी चहल पहल रहेगी। उन्होंने बताया कि हमारे बुजुर्गों की ओर से आयोजित महाकुंभ पूजा का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारा बढ़ाना है।
दारमा घाटी के सीपू मार्छा सहित अन्य गांवों के खराब पैदल मार्ग का आंकलन कर रिपोर्ट प्रशासन को दे दी। जैसे ही स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू हो जाएगा।-जीसी भट्ट एई लोक निर्माण विभाग धारचूला।
विज्ञापन
पिछले वर्ष ग्लेशियर खिसकने से ध्वस्त आठ किलोमीटर खराब पैदल मार्ग को अब तक ठीक नहीं किया गया है। इस कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को सामान पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान शांति सीपाल ने प्रशासन और लोनिवि से जल्द पैदल मार्ग को ठीक करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि दारमा घाटी के अधिकतर लोग वर्तमान समय तक अपने-अपने गांव पहुंच चुके हैं। तिदांग, मार्छा और सीपू के बीच पैदल मार्ग खराब होने के कारण हम लोगों को अपना राशन और अन्य सामग्री घोड़े-खच्चर से पहुंचानी पड़ रही है।
विज्ञापन
दारमा घाटी में तवाघाट से ढाकर तक लगभग 65 किलोमीटर सड़क गांव से जुड़ गई है लेकिन अभी भी दो गांव मार्छा और सीपू गांव के लोगों को चार से आठ किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। सीपू निवासी जीवन सीपाल ने बताया कि आगामी 17 जून से 23 तक पूजा पाठ के साथ-साथ खेलकूद प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रसिद्ध मूर्तिकार डीआर सीपाल ने बताया कि उनके गांव में प्रत्येक 12 साल बाद होने वाली महादेव की महाकुंभ पूजा इस बार जून में हो रही है। इससे देश के विभिन्न प्रदेशों में रह रहे लोगों में काफी उत्साह है। पूजा में लोगों की काफी चहल पहल रहेगी। उन्होंने बताया कि हमारे बुजुर्गों की ओर से आयोजित महाकुंभ पूजा का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारा बढ़ाना है।
दारमा घाटी के सीपू मार्छा सहित अन्य गांवों के खराब पैदल मार्ग का आंकलन कर रिपोर्ट प्रशासन को दे दी। जैसे ही स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू हो जाएगा।-जीसी भट्ट एई लोक निर्माण विभाग धारचूला।