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सीएचसी में मिल रही पीएचसी की सुविधा
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Tue, 19 Apr 2016 10:26 PM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणाईगंगोली को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने एक साल बीत चुका है, लेकिन अस्पताल में मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ही सुविधा मिल रही है। यहां तक कि एक साल बाद भी बोर्ड में नाम परिवर्तन नहीं किया गया है। लोगों को सिर्फ खून जांच कराने के लिए भी अन्य दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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गणाईगंगोली क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र बोरा ने कहा कि पीएचसी से सीएचसी का दर्जा मिलने के बाद अस्पताल में चार डॉक्टरों की नियुक्ति होनी थी। ब्लड टेस्ट के लिए पैथोलॉजी लैब बनाया जाना था, लेकिन अब तक कोई प्रयास पूरे नहीं हो पाए हैं। लोग ब्लड टेस्ट के लिए 80 किमी दूर अल्मोड़ा, 50 किमी दूर गंगोलीहाट और 30 किमी दूर बेड़ीनाग के चक्कर लगा रहे हैं। गरीब परिवार के मरीज इतनी दूर जाकर ब्लड टेस्ट कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने सीएमओ को ज्ञापन भेजकर सीएचसी की सारी सुविधाएं देने की मांग की है।
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अस्पताल में एक ही स्टाफ नर्स होने के कारण स्टाफ नर्स को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। कभी स्टाफ नर्स के अवकाश में जाने पर प्रसव के मामले में अन्य अस्पताल जाना पड़ता है। उन्होंने एक अतिरिक्त स्टाफ नर्स की मांग की है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. सीडी सूंठा का कहना है कि सीएचसी भवन बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। अस्पताल में तैनात एकमात्र फार्मेसिस्ट का स्थानांतरण हो गया है। अस्पताल में अब एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, एक एएनएम, एक हेल्थ विजीटर, तीन वार्ड ब्वाय मौजूद हैं।