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दो दिन से धधक रहा धामीफल्यांटी का जंगल
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी (पिथौरागढ़)।
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:33 AM IST
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सुलगते जंगल
- फोटो : अमर उजाला
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नाचनी (पिथौरागढ़)। वन पंचायत धामी फल्यांटी के जंगल में रविवार दोपहर से लगी आग को बुझाने के लिए सोमवार को भी वन विभाग ने कोई प्रयास नहीं किया। आग लगने से बांज, फल्यांट, चीड़, तेजपात समेत तमाम कीमती वृक्षों को नुकसान पहुंचा है। धामीफल्यांटी गांव में थाना समेत तमाम विभागों के कार्यालय हैं लेकिन किसी भी महकमे को आग लगी हुई नहीं दिखाई दे रही है।
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धामीफल्यांटी गांव के ठीक पीछे की ओर 80 डिग्री का पहाड़ है। एक किमी ऊंचाई के इस पहाड़ी में सघन वन था, जो नष्ट हो रहा है। जंगल से उठ रहे धुएं से लगता है कि आने वाले बरसात के दिनों में इस पहाड़ी पर पेड़ों के स्थान पर भूस्खलन होता दिखाई देगा, लोग पानी के लिए तरसेंगे। अग्नि की भेंट चढ़े इस जंगल को बचाने के लिए दो दिन बाद भी न तो वन पंचायत की नींद खुली न ही वन विभाग जाग पाया है।
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नाचनी। धामीफल्यांटी के मामले में वन विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। वन पंचायतों और ग्रामीणों का सहयोग भी आग बुझाने में नगण्य दिख रहा है। ऐसे में महिला वन पंचायत भैंसखाल और रसियागबड़ मिसाल बना हुए हैं। रसियाबगड़ महिला वन पंचायत की सरपंच तुलसी देवी, भैंसखाल की सरपंच द्रौपती देवी के नेतृत्व में महिलाएं आसपास के इलाके में लगने वाली आग को तीन बार बुझा चुकी हैं।
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