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Pithoragarh News: सर्जन के ट्रांसफर का सितम झेल रहे सीमांत के मरीज

Mon, 24 Nov 2025 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 24 Nov 2025 10:29 PM IST
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Border patients suffer after surgeon's transfer
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की जांच करते सर्जन। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। पहले से ही जिले में विशेषज्ञों की कमी है। अब जिला अस्पताल में तैनात सर्जन का बगैर प्रतिस्थानी स्थानांतरण करने से दिक्कतें और बढ़ गई हैं। सिर्फ एक सर्जन पर मरीजों की जांच के साथ ऑपरेशन करने की जिम्मेदारी आ गई है। काम के दबाव के बीच मरीजों को तारीख मिलने लगी हैं। इस बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते मरीज ऑपरेशन कराकर दर्द से राहत पाने के लिए इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
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दरअसल, जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी अस्पताल में सर्जन तैनात नहीं हैं। जिले भर के मरीजों को जांच और ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल आना मजबूरी है। यहां दो सर्जन की तैनाती होने से मरीजों को काफी राहत मिल रही थी। एक सर्जन मरीजों की जांच तो दूसरे ऑपरेशन कर मरीजों को राहत पहुंचा रहे थे। इनमें से एक सर्जन का बगैर प्रतिस्थानी के ही स्थानांतरण कर दिया गया है। ऐसे में अब यहां तैनात एकमात्र सर्जन पर मरीजों की जांच करने और ऑपरेशन की जिम्मेदारी आ गई है।
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अस्पताल में हर रोज जिले के विभिन्न हिस्सों से पेट के ट्यूमर, एपेंडिक्स, पाइल्स और बच्चेदानी में संक्रमण सहित अन्य दिक्कतों से जूझते हुए 50 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। अब एकमात्र सर्जन होने से सप्ताह में सिर्फ एक दिन ही ऑपरेशन की व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे में मरीजों को ऑपरेशन के लिए 15 से 20 दिन बाद की तारीख मिलने लगी है। समय पर ऑपरेशन न होने से गंभीर मरीजों को दर्द से कराहते हुए इसके लिए मैदानी क्षेत्रों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं बगैर प्रतिस्थानी सर्जन का स्थानांतरण करने से लोगों में स्वास्थ्य विभाग और सरकार के खिलाफ नाराजगी है।
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विभाग का दावा जल्द आएंगे नए सर्जन
जब बगैर प्रतिस्थानी सर्जन का स्थानांतरण होने पर सवाल उठने शुरू हुए तो विभागीय अधिकारी जल्द नए सर्जन की तैनाती के दावे कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक एमएस पूरा होने के बाद एक सर्जन जिला अस्पताल को मिलेगा। कब तक नए सर्जन की तैनाती होगी और कब मरीजों का समय पर ऑपरेशन होगा इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है।
कोट
अस्पताल से एक सर्जन का स्थानांतरण होने से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावित होना स्वभाविक है। जल्द ही यहां नए सर्जन की तैनाती होगी। एक सर्जन होने से ऑपरेशन कम हो रहे हैं। नए सर्जन की तैनाती के बाद व्यवस्थाएं पटरी पर आएंगी। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
कोट
सीमांत और दुर्गम जिले के लोगों की तकलीफों से सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। बगैर प्रतिस्थानी किसी भी चिकित्सक का स्थानांतरण न करने के आदेश और दावे हवाई साबित हो रहे हैं। एक सर्जन के भरोसे कैसे मरीजों की जांच और ऑपरेशन होंगे यह सरकार को सोचना चाहिए। - एडवोकेट मनोज ओझा, पिथौरागढ़

कोट
पहले से ही जिले में विशेषज्ञों की कमी है इसकी मार यहां के लोग सह रहे हैं। अब बगैर प्रतिस्थानी के ही सर्जन का स्थानांतरण कर दिया गया है। साफ है कि सरकार को सीमांत जिले के लोगों के दुख-दर्द से कोई लेना-देना नहीं है। जल्द सर्जन की तैनाती नहीं हुई तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। - महेंद्र लुंठी, पूर्व दायित्वधारी, पिथौरागढ़
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