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बीडीओ ने सम्मान वापस लेने से इंकार किया
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 19 Dec 2016 10:41 PM IST
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बीडीओ ने सम्मान वापस लेने से इंकार किया
- फोटो : अमर उजाला
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खंड विकास अधिकारी एलएम जोशी ने पांगला की प्रधान से ग्रामश्री पुरस्कार वापस लेने से इंकार कर दिया। सोमवार को पांगला की प्रधान देवकी देवी जयकोट, तांकुल और जिप्ती के प्रधानों के साथ पुरस्कार लौटाने के लिए ब्लाक कार्यालय पहुंची थी। बीडीओ ने यह कहकर सम्मान वापस लेने से इंकार कर दिया कि जब उन्होंने यह सम्मान दिया ही नहीं है तो वापस क्यों लें।
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पांगला की प्रधान को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य सरकार 2015 में ग्राम पुरस्कार प्रदान किया था। लंबे समय से गांव की उपेक्षा से खिन्न ग्राम प्रधान ने तीन दिन पूर्व यह ऐलान किया था वह सम्मान को तथा उसके साथ मिली दो लाख रुपए की राशि को लौटा देंगी। इसी घोषणा के तहत वह सोमवार को ब्लाक कार्यालय आ गई। प्रधान देवकी ने कहा कि पिछले दो साल से उनके गांव के विकास के सारे प्रस्ताव बीडीओ कार्यालय से ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। इस कारण गांव में कोई विकास नहीं हो पा रहे हैं। बीडीओ ने प्रधानों से आग्रह किया कि वह विरोध का यह रास्ता छोड़ दें और भविष्य में विकास के काम में गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन प्रधान अपने फैसले पर अडिग हैं।
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प्रधान ने कहा है कि अब वह 21 दिसंबर को पिथौरागढ़ जाकर डीएम को यह सम्मान लौटा देंगी। यदि डीएम ने भी सम्मान वापस लेने से इंकार किया तो फिर देहरादून जाकर मुख्यमंत्री को सौंप देंगी। पांगला की प्रधान के साथ जिप्ती के प्रधान देवीदत्त उपाध्याय, सामाजिक कार्यकर्ता जनक बिष्ट, तांकुल के प्रधान सोबन राम, जयकोट के प्रधान चन्द्र सिंह आदि थे।
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