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तवाघाट में दस दिन में बन गया बैली ब्रिज
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तवाघाट में तैयार वैली ब्रिज। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमा सड़क संगठन ने धारचूला के तवाघाट में नया बैली ब्रिज तैयार कर लिया है। पुल टूटने के कारण फंसे 20 से अधिक वाहन बृहस्पतिवार को धारचूला पहुंचे। महज दस दिन में नया पुल बनाने पर क्षेत्र की जनता ने ग्रिफ की सराहना की है।
बता दें 19 जनवरी को दोपहर करीब ढाई बजे सड़क निर्माण कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी की नई पोकलेंड मशीन को चंडीगढ़ से पांगला ले जा रहा ट्राला धारचूला से 18 किमी दूर तवाघाट के बैली ब्रिज से गुजर रहा था। क्षमता से अधिक भार होने के कारण पुल ध्वस्त हो गया था। हादसे में ट्राला चालक नवीन सिंह और ऑपरेटर सुरेंद्र कुमार घायल हो गए थे। इस मामले में प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीमा सड़क संगठन ने दूसरे दिन से ही नए बैली ब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को दस दिन में नया पुल बनकर तैयार हो गया। पुल के बनते ही दूसरी ओर फंसे वाहन धारचूला लौटे।
65 आरसीसी सीमा सड़क संगठन के ओसी ले. प्रदीप कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम पांच बजे पुल तैयार हो गया था। 6.30 बजे बैैली ब्रिज से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। मात्र दस दिनों में ब्रिज तैयार होने से सीमांत की जनता ने राहत महसूस की है। बीडीसी सदस्य कल्पना नबियाल और लक्ष्मण ने सीमा सड़क संगठन की सराहना की है। पुल बनने से व्यास घाटी के गांवों सहित सेना, आईटीबीपी और एसएसबी सहित 20 से अधिक गांवों को राहत मिलेगी।
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बता दें 19 जनवरी को दोपहर करीब ढाई बजे सड़क निर्माण कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी की नई पोकलेंड मशीन को चंडीगढ़ से पांगला ले जा रहा ट्राला धारचूला से 18 किमी दूर तवाघाट के बैली ब्रिज से गुजर रहा था। क्षमता से अधिक भार होने के कारण पुल ध्वस्त हो गया था। हादसे में ट्राला चालक नवीन सिंह और ऑपरेटर सुरेंद्र कुमार घायल हो गए थे। इस मामले में प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीमा सड़क संगठन ने दूसरे दिन से ही नए बैली ब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को दस दिन में नया पुल बनकर तैयार हो गया। पुल के बनते ही दूसरी ओर फंसे वाहन धारचूला लौटे।
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65 आरसीसी सीमा सड़क संगठन के ओसी ले. प्रदीप कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम पांच बजे पुल तैयार हो गया था। 6.30 बजे बैैली ब्रिज से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। मात्र दस दिनों में ब्रिज तैयार होने से सीमांत की जनता ने राहत महसूस की है। बीडीसी सदस्य कल्पना नबियाल और लक्ष्मण ने सीमा सड़क संगठन की सराहना की है। पुल बनने से व्यास घाटी के गांवों सहित सेना, आईटीबीपी और एसएसबी सहित 20 से अधिक गांवों को राहत मिलेगी।
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