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कहीं खुले नल तो कहीं टूटे चैंबर और स्पीड ब्रेकर दे रहे हादसों को दावत
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सरस्वती विहार कालौनी को जाने वाले मार्ग में इस तरह बिछे हैं दोनों ओर पानी के नल। संवाद न्यूज एजें?
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। नगर के जीआईसी क्षेत्र के सरस्वती विहार कॉलोनी में जल संस्थान ने रास्तों में पानी की पाइपलाइन खुली छोड़ दी है। रास्ते पर बिछाए नलों में फिसलकर एक माह में 12 से अधिक दोपहिया वाहन सवार दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
बृहस्पतिवार को बाजार जा रही एक महिला की स्कूटी नल में फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायल महिला ने इसे लोगों की जान से खिलवाड़ बताते हुए जिम्मेदार विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। कुमाऊं आयुक्त को भी शिकायत पत्र भेजा गया है।
सरस्वती विहार कॉलोनी में एक वर्ष पूर्व पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइप लाइन बिछाई गई थी। लाखों खर्च होने के बाद भी जब लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंचा तो इस पाइप लाइन को जगह-जगह खोदा गया।
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कुछ स्थानों पर जल संस्थान ने तो कई जगहों पर लोगों ने मनमाने तरीके से स्वयं रास्ते में दबी पाइप लाइन को ऊपर निकालकर छोड़ दिया। कुछ स्थानों पर इंटरलॉक टाइल्स उखाड़ने के बाद जल संस्थान ने पाइप बिना जमीन में दबाए उसके ऊपर घटिया गुणवत्ता का कंक्रीट कर दिया।
अब यह कंक्रीट भी उखड़ गया है। हालात यह हैं कि पांच स्थानों पर खुले पाइपों पर आए दिन दोपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस दुर्घटना में लोगों के चोटिल होने से गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को घर से बाजार जा रही एक महिला की स्कूटी नल में फिसलने के बाद पत्थरों पर पलट गई। हेलमेट पहना होने से सिर तो चोटिल होने से बच गया लेकिन पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया।
महिला का जिला अस्पताल में उपचार किया गया। इस मामले में जल संस्थान के अभियंता सुरेश जोशी का कहना है कि पाइप लाइनों का निरीक्षण कर शीघ्र व्यवस्थित कर लिया जाएगा।
पालिका ने भी दो साल से नहीं देखे क्षतिग्रस्त रास्ते
पिथौरागढ़। पिछले दो सालों से नगरपालिका ने कॉलोनी में बनाए रास्तों की स्थिति को नहीं देखा है। ऐसे में कई स्थानों पर बीच रास्ते में बनाई नाली के ऊपर डाले गए पटालों का कंक्रीट टूट गया है।
इससे बने गड्ढों से जहां दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है वहीं रात में पैदल चलने वाले भी चोटिल हो रहे हैं। सरकारी महकमों की इस लापरवाही के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
मनमाने तरीके से बना डाले स्पीड ब्रेकर
पिथौरागढ़। कॉलोनी में एक ओर जहां खुले पानी के नल और गड्ढों से दुर्घटनाएं हो रही हैं वहीं कुछ स्थानों पर लोगों और दुकानदारों ने मनमाने तरीके से स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। यह ब्रेकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
मानकों के विपरीत बनाए इन ब्रेकरों के झटकों से रीढ़ की हड्डी और कंधों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगी है। नगरपालिका के ईओ जीतेंद्र वर्मा का कहना है कि पालिका शीघ्र ही क्षतिग्रस्त रास्तों का सुधार करेगी। शीघ्र निरीक्षण कर रास्तों में गलत तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकरों को तोड़ा जाएगा।
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बृहस्पतिवार को बाजार जा रही एक महिला की स्कूटी नल में फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायल महिला ने इसे लोगों की जान से खिलवाड़ बताते हुए जिम्मेदार विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। कुमाऊं आयुक्त को भी शिकायत पत्र भेजा गया है।
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सरस्वती विहार कॉलोनी में एक वर्ष पूर्व पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइप लाइन बिछाई गई थी। लाखों खर्च होने के बाद भी जब लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंचा तो इस पाइप लाइन को जगह-जगह खोदा गया।
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कुछ स्थानों पर जल संस्थान ने तो कई जगहों पर लोगों ने मनमाने तरीके से स्वयं रास्ते में दबी पाइप लाइन को ऊपर निकालकर छोड़ दिया। कुछ स्थानों पर इंटरलॉक टाइल्स उखाड़ने के बाद जल संस्थान ने पाइप बिना जमीन में दबाए उसके ऊपर घटिया गुणवत्ता का कंक्रीट कर दिया।
अब यह कंक्रीट भी उखड़ गया है। हालात यह हैं कि पांच स्थानों पर खुले पाइपों पर आए दिन दोपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस दुर्घटना में लोगों के चोटिल होने से गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को घर से बाजार जा रही एक महिला की स्कूटी नल में फिसलने के बाद पत्थरों पर पलट गई। हेलमेट पहना होने से सिर तो चोटिल होने से बच गया लेकिन पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया।
महिला का जिला अस्पताल में उपचार किया गया। इस मामले में जल संस्थान के अभियंता सुरेश जोशी का कहना है कि पाइप लाइनों का निरीक्षण कर शीघ्र व्यवस्थित कर लिया जाएगा।
पालिका ने भी दो साल से नहीं देखे क्षतिग्रस्त रास्ते
पिथौरागढ़। पिछले दो सालों से नगरपालिका ने कॉलोनी में बनाए रास्तों की स्थिति को नहीं देखा है। ऐसे में कई स्थानों पर बीच रास्ते में बनाई नाली के ऊपर डाले गए पटालों का कंक्रीट टूट गया है।
इससे बने गड्ढों से जहां दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है वहीं रात में पैदल चलने वाले भी चोटिल हो रहे हैं। सरकारी महकमों की इस लापरवाही के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
मनमाने तरीके से बना डाले स्पीड ब्रेकर
पिथौरागढ़। कॉलोनी में एक ओर जहां खुले पानी के नल और गड्ढों से दुर्घटनाएं हो रही हैं वहीं कुछ स्थानों पर लोगों और दुकानदारों ने मनमाने तरीके से स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। यह ब्रेकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
मानकों के विपरीत बनाए इन ब्रेकरों के झटकों से रीढ़ की हड्डी और कंधों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगी है। नगरपालिका के ईओ जीतेंद्र वर्मा का कहना है कि पालिका शीघ्र ही क्षतिग्रस्त रास्तों का सुधार करेगी। शीघ्र निरीक्षण कर रास्तों में गलत तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकरों को तोड़ा जाएगा।