‘जब तक जिंदा रहूंगा, हर चुनाव में हिस्सा लूंगा’
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पिथौरागढ़ विधानसभा सीट से गुलजार खान पांचवीं बार चुनाव मैदान में हैं। गुलजार ने छह बार सांसद का, दो बार नगरपालिका चेयरमैन का और तीन बार पालिका सभासद का चुनाव लड़ा। दुर्भाग्य से वह एक भी चुनाव नहीं जीते। 55 वर्षीय गुलजार ने कहा कि जब तक जिंदा रहूंगा, हर चुनाव में हिस्सा लूंगा, लेकिन इस बार उन्होंने बड़ा रोचक मुद्दा उठाकर सभी को हैरत में डाला है कि जब पिछले विधानसभा चुनाव में लोहाघाट सीट से हारे महेंद्र माहरा को राज्यसभा सदस्य, हारे हुए रणजीत रावत को मुख्यमंत्री का सलाहकार, हारे हुए सांसद प्रदीप टम्टा को राज्यसभा सदस्य बनाया जा सकता है तो कई बार हारने वाले गुलजार खान को कोई पद क्यों नहीं दिया जाता।
गुलजार ने कहा कि पिथौरागढ़ की जनता को भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने बारी-बारी ठगने का काम किया। वह तो यहां तक कहते हैं कि पिथौरागढ़ में हवाईपट्टी इस कारण बनी, क्योंकि यहां पर हवाईपट्टी बनाने लायक जगह है वर्ना अल्मोड़ा में हवाईपट्टी कभी के बन जाती और वहां से हवाईजहाज उड़ रहे होते। गुलजार ने कहा कि रई झील, बेस अस्पताल, सीवर लाइन का क्या हुआ। वह कहते हैं कि यदि एक बार पिथौरागढ़ की जनता उनका साथ दे तो इस गुलदस्ते को गुलेगुलजार कर देंगे। गुलजार के पास पैसा नहीं है। वह पैदल ही चुनाव प्रचार करने वाले हैं। यदि लोगों की समझ में आएगा तो वोट डालेंगे, वर्ना एक और हार का स्वाद चखने के लिए वह फिर से तैयार बैठे हैं।