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Pithoragarh News: राम गंगा में बनी कृत्रिम झील खुली, पिथौरागढ़ से लेकर बागेश्वर तक राहत
Sat, 08 Aug 2026 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:37 PM IST
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फोटो 08 पीटीएच 05 पी- नाचनी स्थित हरड़िया के राम गंगा में बनी झील से हो रही पानी की निकासी। सं
नाचनी (पिथौरागढ़)। हरड़िया स्थित राम गंगा पर बनी झील 60 प्रतिशत तक खुल गई है। झील के पानी की निकासी होने से नीचे की जमीन दिखाई देने लगी है। झील का जलस्तर कम होते ही आसपास बसे पिथौरागढ़ और बागेश्वर के चार गांवों के ग्रामीणों को राहत मिली है।
बीते जुलाई महीने में क्षेत्र में हुई भारी बारिश से हरड़िया की पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर रामगंगा में समा गए थे। मलबा और बोल्डरों ने रामगंगा का प्रवाह रोका तो वहां एक किलोमीटर दायरे में झील बन गई थी। झील बनने से बासगुन, छीपा, भैंसखाल, नाचनी बाजार सहित बागेश्वर जिले के कैचुवा, काभड़ी, कालापैर गांवों के लिए खतरा हो गया था।
भू-स्खलन शुरू होने से इन गांवों के ग्रामीण रात में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे थे। मौसम का साथ मिलने के बाद बाद सिंचाई विभाग ने झील खोलने के लिए जेसीबी लगाई। कई दिनों की मशक्कत के बाद झील से पानी की निकासी के साथ रामगंगा का प्रवाह भी शुरू हुआ है।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विनय रावत ने बताया कि मुहाने को 40 मीटर तक चौड़ा करने से झील का लेवल तीन मीटर तक नीचे आ गया है। उन्होंने बताया कि पूरी झील को खोलने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही झील के पानी की निकासी हो जाएगी।
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बीते जुलाई महीने में क्षेत्र में हुई भारी बारिश से हरड़िया की पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर रामगंगा में समा गए थे। मलबा और बोल्डरों ने रामगंगा का प्रवाह रोका तो वहां एक किलोमीटर दायरे में झील बन गई थी। झील बनने से बासगुन, छीपा, भैंसखाल, नाचनी बाजार सहित बागेश्वर जिले के कैचुवा, काभड़ी, कालापैर गांवों के लिए खतरा हो गया था।
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भू-स्खलन शुरू होने से इन गांवों के ग्रामीण रात में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे थे। मौसम का साथ मिलने के बाद बाद सिंचाई विभाग ने झील खोलने के लिए जेसीबी लगाई। कई दिनों की मशक्कत के बाद झील से पानी की निकासी के साथ रामगंगा का प्रवाह भी शुरू हुआ है।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विनय रावत ने बताया कि मुहाने को 40 मीटर तक चौड़ा करने से झील का लेवल तीन मीटर तक नीचे आ गया है। उन्होंने बताया कि पूरी झील को खोलने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही झील के पानी की निकासी हो जाएगी।