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Pithoragarh News: एकीकरण के बाद भी मनमानी, मरीज बेहाल
Fri, 21 Aug 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 21 Aug 2026 10:59 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में बेस अस्पताल के डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीज बेहाल हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर इसे गंभीर लापरवाही बताया है।
दोनों अस्पतालों का एकीकरण हो चुका है। इसके बावजूद बेस अस्पताल के डॉक्टर रोजाना इमरजेंसी ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। बेस अस्पताल में 15 से अधिक जूनियर रेजीडेंट तैनात हैं। वहीं जिला अस्पताल में प्रतिदिन 800 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इमरजेंसी में सिर्फ पांच ईएमओ की तैनाती है। डॉक्टरों की कमी से इमरजेंसी में मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
डॉक्टर देने से हाथ पीछे खींचे: मेडिकल कॉलेज का इसी साल संचालन का दावा किया जा रहा है। एनएमसी की मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज के पास 400 बेड का अस्पताल जरूरी है।
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अब तक मेडिकल कॉलेज के पास इतनी क्षमता का अस्पताल नहीं है। यह कमी पूरी करने के लिए बीते दिनों जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के अधीन कर दिया गया। हैरानी है कि मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने के लिए तो जिला अस्पताल का एकीकरण किया गया है लेकिन इसके अधीन बेस अस्पताल से डॉक्टर भेजने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं।
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दोनों अस्पतालों का एकीकरण हो चुका है। इसके बावजूद बेस अस्पताल के डॉक्टर रोजाना इमरजेंसी ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। बेस अस्पताल में 15 से अधिक जूनियर रेजीडेंट तैनात हैं। वहीं जिला अस्पताल में प्रतिदिन 800 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इमरजेंसी में सिर्फ पांच ईएमओ की तैनाती है। डॉक्टरों की कमी से इमरजेंसी में मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
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डॉक्टर देने से हाथ पीछे खींचे: मेडिकल कॉलेज का इसी साल संचालन का दावा किया जा रहा है। एनएमसी की मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज के पास 400 बेड का अस्पताल जरूरी है।
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अब तक मेडिकल कॉलेज के पास इतनी क्षमता का अस्पताल नहीं है। यह कमी पूरी करने के लिए बीते दिनों जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के अधीन कर दिया गया। हैरानी है कि मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने के लिए तो जिला अस्पताल का एकीकरण किया गया है लेकिन इसके अधीन बेस अस्पताल से डॉक्टर भेजने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं।