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Pithoragarh News: महिला से छेड़छाड़ के अभियुक्त पांच साल कारावास की सजा
Fri, 03 May 2024 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 03 May 2024 11:02 PM IST
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पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी ने घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़ और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले अभियुक्त को पांच साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार 28 अप्रैल 2019 को जौरासी के दुर्लेख क्षेत्र निवासी दीवान सिंह ने अनुसूचित जाति की महिला के कमरे में घुसकर छेड़छाड़ कर दी थी। महिला के विरोध करने पर मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोपी मौके से भाग गया था। इस मामले में पीड़िता की ओर से राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी शंकर राज की अदालत में चला। मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध करते हुए अभियुक्त दीवान सिंह को धारा 354, 452, धारा(3) ( 1) (डब्लू) (आई), धारा (3) (2) ( वीए) के तहत पांच-पांच वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यदि दोषसिद्ध जुर्माने की धनराशि जमा करता है तो उस राशि में से 30 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत ने की।
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मामले के अनुसार 28 अप्रैल 2019 को जौरासी के दुर्लेख क्षेत्र निवासी दीवान सिंह ने अनुसूचित जाति की महिला के कमरे में घुसकर छेड़छाड़ कर दी थी। महिला के विरोध करने पर मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोपी मौके से भाग गया था। इस मामले में पीड़िता की ओर से राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी शंकर राज की अदालत में चला। मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध करते हुए अभियुक्त दीवान सिंह को धारा 354, 452, धारा(3) ( 1) (डब्लू) (आई), धारा (3) (2) ( वीए) के तहत पांच-पांच वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यदि दोषसिद्ध जुर्माने की धनराशि जमा करता है तो उस राशि में से 30 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत ने की।
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