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Pithoragarh News: सीमेंट कंपनी में डीलरशिप दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
Sat, 16 Dec 2023 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 16 Dec 2023 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमेंट कंपनी में डीलरशिप दिलाने के नाम पर 20 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने बिहार शरीफ (बिहार) से गिरफ्तार किया। इस मामले में पुलिस एक व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
नौ नवंबर को खंपा इंटर प्राइजेज पवन विहार कॉलोनी बिण निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि आजीविका के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी लिमिटेड में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कॉल कर स्वयं को अंधेरी मुंबई स्थित अल्ट्राटेक के प्रधान कार्यालय का सीनियर एक्जीक्यूटिव बताया। एक अन्य महिला ने स्वयं को कार्यालय में सेल्स एक्जीक्यूटिव बताया था । पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी विनोद कुमार निवासी उब्राहिमपुर थाना बिंद, बिहार को को धारा 41 (क) सीआरपीसी का नोटिस दिया था। उसने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी करता था।
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प्रिंस नाम का एक व्यक्ति उसे नौकरी दिलाने को लेकर झारखंड ले गया था। यहां पीएनबी में उसका फर्जी खाता खुलवाया और मोबाइल नंबर भी पंजीकृत कराया। प्रिंस ने एटीएम और मोबाइल नंबर अपने पास ही रख लिया।
पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी प्रिंस कुमार (24) निवासी कांटापर थाना लहेरी बिहार शरीफ, जिला नालंदा, बिहार को बिहार से गिरफ्तार किया। उसके पास चार मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, पांच एटीएमकार्ड, एक नोट बुक बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
ऐसे करता था ठगी
पिथौरागढ़। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि प्रिंस ने फर्जी वेबसाइट खोली थी। इसमें गूगल के माध्यम से अपना अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी का फर्जी डोमेन बनाया था। जब भी कोई व्यक्ति डोमेन में दिए गए नंबरों में संपर्क करता था तो वह कंपनी में पंजीकरण कराने, डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी कर लेता था। उसने स्थानीय लोगों को झांसे में लेकर उनके फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। उन खातों में फर्जी आईडी से अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया था और एटीएम अपने पास रख लिया था। ट्रांजेक्शन करने के बाद रुपये पटना से एटीएम के माध्यम से निकाल लिए जाते थे। पुलिस आरोपी के अन्य फर्जी खातों की भी जांच कर रही है। संवाद
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नौ नवंबर को खंपा इंटर प्राइजेज पवन विहार कॉलोनी बिण निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि आजीविका के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी लिमिटेड में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
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एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कॉल कर स्वयं को अंधेरी मुंबई स्थित अल्ट्राटेक के प्रधान कार्यालय का सीनियर एक्जीक्यूटिव बताया। एक अन्य महिला ने स्वयं को कार्यालय में सेल्स एक्जीक्यूटिव बताया था । पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी विनोद कुमार निवासी उब्राहिमपुर थाना बिंद, बिहार को को धारा 41 (क) सीआरपीसी का नोटिस दिया था। उसने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी करता था।
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प्रिंस नाम का एक व्यक्ति उसे नौकरी दिलाने को लेकर झारखंड ले गया था। यहां पीएनबी में उसका फर्जी खाता खुलवाया और मोबाइल नंबर भी पंजीकृत कराया। प्रिंस ने एटीएम और मोबाइल नंबर अपने पास ही रख लिया।
पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी प्रिंस कुमार (24) निवासी कांटापर थाना लहेरी बिहार शरीफ, जिला नालंदा, बिहार को बिहार से गिरफ्तार किया। उसके पास चार मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, पांच एटीएमकार्ड, एक नोट बुक बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
ऐसे करता था ठगी
पिथौरागढ़। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि प्रिंस ने फर्जी वेबसाइट खोली थी। इसमें गूगल के माध्यम से अपना अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी का फर्जी डोमेन बनाया था। जब भी कोई व्यक्ति डोमेन में दिए गए नंबरों में संपर्क करता था तो वह कंपनी में पंजीकरण कराने, डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी कर लेता था। उसने स्थानीय लोगों को झांसे में लेकर उनके फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। उन खातों में फर्जी आईडी से अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया था और एटीएम अपने पास रख लिया था। ट्रांजेक्शन करने के बाद रुपये पटना से एटीएम के माध्यम से निकाल लिए जाते थे। पुलिस आरोपी के अन्य फर्जी खातों की भी जांच कर रही है। संवाद