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Pithoragarh News: जिला अस्पताल में आभा आईडी अनिवार्य, डिजिटल होगा मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड
Thu, 06 Aug 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:58 PM IST
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चंपावत। जिला अस्पताल में अब ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) आईडी अनिवार्य कर दी गई है। इस व्यवस्था से मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इससे उपचार प्रक्रिया सरल और प्रभावी होगी। मरीज घर बैठे आभा आईडी से टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 430 मरीज उपचार के लिए आते हैं। आभा आईडी से डॉक्टर मरीज का पूरा डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड देख पाएंगे, जिससे उपचार में सटीकता बढ़ेगी। जिन मरीजों के पास आईडी नहीं है, उनके लिए अस्पताल में निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। इसे आधार और मोबाइल नंबर से बनवाया जा सकता है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी ने कहा कि आभा आईडी से पुरानी जांच और दवाओं की जानकारी तुरंत मिलेगी। इससे उपचार अधिक प्रभावी होगा।
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आभा आईडी से सिस्टम में फीड हो जाएगी आईडी
घर बैठकर आभा आईडी से जानकारी अस्पताल के सिस्टम में पहुंच जाएगी। इसके बाद मरीज को सिर्फ अपना टोकन और दिखाना होगा। इससे उसका पर्चा तुरंत तैयार हो जाएगा। आयुष्मान प्रभारी आशीष ने बताया कि एक मोबाइल से पांच आभा आईडी बनाई जा सकती हैं।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इससे उपचार प्रक्रिया सरल और प्रभावी होगी। मरीज घर बैठे आभा आईडी से टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 430 मरीज उपचार के लिए आते हैं। आभा आईडी से डॉक्टर मरीज का पूरा डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड देख पाएंगे, जिससे उपचार में सटीकता बढ़ेगी। जिन मरीजों के पास आईडी नहीं है, उनके लिए अस्पताल में निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। इसे आधार और मोबाइल नंबर से बनवाया जा सकता है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी ने कहा कि आभा आईडी से पुरानी जांच और दवाओं की जानकारी तुरंत मिलेगी। इससे उपचार अधिक प्रभावी होगा।
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आभा आईडी से सिस्टम में फीड हो जाएगी आईडी
घर बैठकर आभा आईडी से जानकारी अस्पताल के सिस्टम में पहुंच जाएगी। इसके बाद मरीज को सिर्फ अपना टोकन और दिखाना होगा। इससे उसका पर्चा तुरंत तैयार हो जाएगा। आयुष्मान प्रभारी आशीष ने बताया कि एक मोबाइल से पांच आभा आईडी बनाई जा सकती हैं।