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इस माह के अंत तक 60 फीसदी धन खर्च कर लें
Pithoragarh
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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पिथौरागढ़। जिलाधिकारी सीएमएस बिष्ट ने अधिकतर विभागों द्वारा राज्य योजना के बजट का 50 प्रतिशत धन भी खर्च न होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए इस माह के अंत तक आवंटित धनराशि का 60 प्रतिशत खर्च न होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम ने वनाधिकारी के बैठक में मौजूद न रहने और धनराशि अवमुक्त करने के लिए पत्रावली प्रस्तुत न करने पर नाराजगी प्रकट करते हुए उनके विरुद्ध शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी।
विकास भवन में जिला, राज्य, केंद्र और बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अब तक किए गए कार्यों का भौतिक और वित्तीय विवरण शनिवार की शाम तक जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि आवंटित धनराशि खर्च न करने वाले विभागों पर कार्रवाई तो की ही जाएगी, शासन को भी इस संबंध में सूचित कर दिया जाएगा। डीएम ने जौलजीबी में काली और गोरी नदी से हो रहे भूकटाव और मुनस्यारी के हरड़िया नाले में हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। पेयजल महकमे के अधिकारियों ने बताया कि बेरीनाग की पानी की योजना के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। घाट पंपिंग योजना के लिए जेनरेटर खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। डीएम ने जिला मुख्यालय के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना के बारे में भी जानकारी हासिल की।
बैठक में सामने आया कि अब तक जल संस्थान ने 44, राजकीय सिंचाई विभाग ने 45, बाल विकास विभाग द्वारा 47, पशुपालन विभाग द्वारा 56.96 प्रतिशत ही धन खर्च किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को तय लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. राघव लंगर, परियोजना निदेशक डीआरडीए नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी जेसी पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी जेएस पांगती के साथ ही तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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विकास भवन में जिला, राज्य, केंद्र और बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अब तक किए गए कार्यों का भौतिक और वित्तीय विवरण शनिवार की शाम तक जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि आवंटित धनराशि खर्च न करने वाले विभागों पर कार्रवाई तो की ही जाएगी, शासन को भी इस संबंध में सूचित कर दिया जाएगा। डीएम ने जौलजीबी में काली और गोरी नदी से हो रहे भूकटाव और मुनस्यारी के हरड़िया नाले में हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। पेयजल महकमे के अधिकारियों ने बताया कि बेरीनाग की पानी की योजना के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। घाट पंपिंग योजना के लिए जेनरेटर खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। डीएम ने जिला मुख्यालय के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना के बारे में भी जानकारी हासिल की।
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बैठक में सामने आया कि अब तक जल संस्थान ने 44, राजकीय सिंचाई विभाग ने 45, बाल विकास विभाग द्वारा 47, पशुपालन विभाग द्वारा 56.96 प्रतिशत ही धन खर्च किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को तय लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. राघव लंगर, परियोजना निदेशक डीआरडीए नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी जेसी पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी जेएस पांगती के साथ ही तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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