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अब चारे को नहीं भटकेंगे दुधारू पशु
Pithoragarh
Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
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थल। पशुओं के लिए उपयोगी नेपियर घास के रोपण का काम यहां तेजी से चल रहा है। इस इलाके में करीब पांच हेक्टेयर जमीन में घास रोपित की जा रही है। अगले दो दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। दिसंबर से पशुओं को नेपियर घास मिलने लगेगी।
थल से दो किलोमीटर दूर नायन सफोली के लोधिया थल तोक में वन पंचायत की पांच हेक्टेयर भूमि में चारा विकास महिला समूह द्वारा 25 हजार नेपियर घास रोपित की जा रही है। पिछले महीने से शुरू यह काम अगले दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। महिला समूह की अध्यक्ष विमला देवी ने कहा कि दो महीने में इस घास से चारा तैयार हो सकेगा। इससे तमाम गांवों को आसानी से चार उपलब्ध हो सकेगा। तुनेत, जलांती, बंसारी, दनखाली, सुदोली, फूलधारा, लोधिया थल के दुधारू मवेशियों को यह चारा मिलेगा। वन पंचायत के सरपंच रमेश चंद रजवार, दिनेश राम, गणेश राम, बलवीर चंद, पप्पू राम आदि के अलावा महिलाओं ने इस काम में सहयोग किया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. डीसी गुरुरानी ने बताया कि नेपियर घास दुधारू जानवरों के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे पशुओं की दूध देने की क्षमता में भी इजाफा होता है। मौनकटिया, खड़क दौली, घुनसेरा के बाद यह चौथी नेपियर चारा घास की नर्सरी होगी। बताया गया कि इस स्थान पर चहारदीवारी बनने के अलावा जल्द ही कटिंग मशीन लगेगी।
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थल से दो किलोमीटर दूर नायन सफोली के लोधिया थल तोक में वन पंचायत की पांच हेक्टेयर भूमि में चारा विकास महिला समूह द्वारा 25 हजार नेपियर घास रोपित की जा रही है। पिछले महीने से शुरू यह काम अगले दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। महिला समूह की अध्यक्ष विमला देवी ने कहा कि दो महीने में इस घास से चारा तैयार हो सकेगा। इससे तमाम गांवों को आसानी से चार उपलब्ध हो सकेगा। तुनेत, जलांती, बंसारी, दनखाली, सुदोली, फूलधारा, लोधिया थल के दुधारू मवेशियों को यह चारा मिलेगा। वन पंचायत के सरपंच रमेश चंद रजवार, दिनेश राम, गणेश राम, बलवीर चंद, पप्पू राम आदि के अलावा महिलाओं ने इस काम में सहयोग किया।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. डीसी गुरुरानी ने बताया कि नेपियर घास दुधारू जानवरों के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे पशुओं की दूध देने की क्षमता में भी इजाफा होता है। मौनकटिया, खड़क दौली, घुनसेरा के बाद यह चौथी नेपियर चारा घास की नर्सरी होगी। बताया गया कि इस स्थान पर चहारदीवारी बनने के अलावा जल्द ही कटिंग मशीन लगेगी।
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